क्या आप जानते है कि भगवान राम ने हनुमान को मौत की सजा दी थी , जानिए कुछ ऐसे ही रहस्यमयी बातें

राम भक्त हनुमान को महाबली माना गया है जो अजर-अमर हैं

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम डेस्क Last updated: 26 March 2018 | 14:41:00

क्या आप जानते है कि भगवान राम ने हनुमान को मौत की सजा दी थी

 हनुमान जी सभी देवों में ऐसे देवता है जो अपने भक्तों के द्वारा प्रसन्न करने पर बहुत जल्द खुश हो जाते है। भक्तों के हर कष्ट को बस नाम लेने से ही हर लेते हैं भगवान हनुमान।  राम भक्त हनुमान को महाबली माना गया है जो अजर-अमर हैं पवन पुत्र बजरंगबली के जीवन के कुछ ऐसे रहस्य हैं जिनके बारें में शायद आपको नहीं मालूम होगा। इस कलियुग के अंत तक अपने शरीर में ही रहेंगे। वे आज भी धरती पर विचरण करते हैं। 

आइए जानते है उनके जीवन की रहस्यमयी बातें।

1. भगवान शंकर का अवतारबहुत कम लोग जानते हैं क‍ि हनुमान जी भगवान शंकर का अवतार हैं और वह अपनी माता के श्राप को हरने के लएि पैदा हुए थे

2. जब बजरंगबली ने धरा केसरिया रूपराम भगवान की लंबी उम्र के लिए सीता माता अपनी मांग में सिंदूर लगाती हैं ये बात सुनकर हनुमान जी ने अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया था. तभी से बजरंगबली को सिंदूर चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है.

3 . ब्रह्मचारी हनुमान पिता भी हैं राम भक्त हनुमान को सभी ब्रह्मचारी के रूप में जानते हैं लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं क‍ि उनका मकरध्वज नाम का एक बेटा भी था.

4.  जब भगवान राम ने दी हनुमान को मौत की सजा एक बार भगवान राम के गुरु विश्वामित्र किसी कारणवश हनुमानजी से गुस्सा हो गए और उन्होंने प्रभु राम को हनुमान जी को मौत की सजा देने को कहा था. भगवान राम ने ऐसा किया भी      क्योंकि वह गुरु को माना नहीं कर सकते थे लेकिन सजा के दौरान हनुमान जी राम नाम जपते रहे और उनके ऊपर प्रहार किए गए सारे शस्त्र विफल हो गए.

5 .बाल्मीक‍ि से पहले ही हनुमानजी ने लिख दी थी रामायणलंका कांड शुरू होते ही हनुमान जी ने हिमालय जाकर वहां के पहाड़ों पर अपने नाखूनों से रामायण लिखनी शुरू कर दी थी. जब रामायण लिखने के बाद बाल्मीक‍ि जी को ये पता चला तो         वह हिमालय गए और वहां पर लिखी रामायण पढ़ी

6 .  108 नामों में है जीवन का सार हनुमान जी के संस्कृति  में 108 नाम हैं और हर नाम का मतलब उनके जीवन के अध्ययों का सार बताता है.


7 .कौन थे हनुमानजी के गुरू - हनुमानजी मातंग ऋषि के शिष्य थे। वैसे तो हनुमान जी ने कई लोगों से शिक्षा ली थी। सूर्यदेव और नारदजी के अलावा इन्होंने मातंग ऋषि से भी शिक्षा-दीक्षा ली थी। कहते है मातंग ऋषि के आश्रम में ही हनुमानजी       का जन्म हुआ था। ऐसी मान्यता है श्रीलंका के जंगलों में मंतग ऋषि के वंशज आदिववासी से हनुमान जी प्रत्येक 41 साल बाद मिलने आते है। 


 हनुमानजी 4 कारणों से सभी देवताओं में श्रेष्ठ हैं। पहला यह कि वे रीयल सुपरमैन हैं, दूसरा यह कि वे पॉवरफुल होने के बावजूद ईश्वर के प्रति समर्पित हैं, तीसरा यह कि वे अपने भक्तों की सहायता तुरंत ही करते हैं और चौथा यह कि वे आज भी   सशरीर हैं। इस ब्रह्मांड में ईश्वर के बाद यदि कोई एक शक्ति है तो वह है हनुमानजी। महावीर विक्रम बजरंगबली के समक्ष किसी भी प्रकार की मायावी शक्ति ठहर नहीं सकती।

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