वक्री होकर बुध कर्क राशि में सूर्य और राहु के साथ रहेंगे, जानें क्या होगा राशियों पर असर

कर्क: कर्क राशि के जातकों के लिए बुध प्रथम स्थान लग्न भाव में वक्री होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से कुछ कमजोरी महसूस करेंगे। निर्णय क्षमता कमजोर होगी। उतावले होकर काम न करें अन्यथा नुकसान हो सकता है। कोई भी काम सोच-विचार कर ही करें।

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम दिल्ली Last updated: 26 July 2018 | 16:40:00

वक्री होकर बुध कर्क राशि में सूर्य और राहु के साथ रहेंगे, जानें क्या होगा राशियों पर असर

बुध ग्रह गुरुवार 26 जुलाई को प्रातः 10.34 मिनट पर पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में कर्क राशि में वक्री हो रहे हैं। बुुध 25 दिन वक्री रहने के बाद श्रावण शुक्ल नवमी रविवार 19 अगस्त को प्रातः 9.52 मिनट पर पुनः मार्गी हो जाएंगे। बुध वाणी के कारक, मानसिक शक्ति, ज्ञान, विवेक, बुद्धि और शिक्षा का प्रतिनिधि ग्रह हैं।

कर्क इस राशि में राहु और सूर्य पहले से मौजूद हैं। इससे सातवें यानी मकर राशि में मंगल और केतु साथ में बैठे हैं। यानी बुध, राहु और सूर्य की सातवीं और सीधी दृष्टि मंगल व केतु पर होगी। वहीं, मंगल और केतु की सीधी नजर इन तीनों ग्रहों पर होगी।

जिन लोगों की जन्मकुंडली में बुध वक्री हैं, उन्हें दूसरों की अपेक्षा कोई भी बात धीरे-धीरे ही समझ में आती है। इनकी तर्क शक्ति कमजोर होती है। वक्री बुध वाले व्यक्ति आत्मचिंतन ज्यादा करते हैं। इनके बात करने का कौशल भी कमजोर होता है। जानते हैं बुध के वक्री होने पर राशियों पर कैसा होगा असर।

मेष: मेष राशि के लिए बुध चतुर्थ स्थान में वक्री होगा। बुध का शत्रु ग्रह चंद्र है और गोचर चंद्र की ही कर्क राशि में हो रहा है इसलिए मेष राशि के जातक मानसिक अस्थिरता के शिकार होंगे। सुख स्थान होने के कारण जहां सुख, सौभाग्य, धन-संपत्ति में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर मन में बैचेनी बढ़ेगी।

 

वृषभ: वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध तृतीय स्थान में वक्री होगा। इससे आपकी निर्णय क्षमता प्रभावित होगी। गलत फैसले हो सकते हैं। भाई-बहनों से विवाद हो सकता है। पैतृक संपत्ति से संबंधित परेशानी आ सकती है। अधिक मेहनत करने पर भी नतीजे अनुकूल नहीं मिलेंगे।

मिथुन: इस राशि के जातकों के लिए बुध द्वितीय भाव यानी धन स्थान में वक्री होगा। वाणी और चतुराई से धन संबंधी मामलों में लाभ मिलेगा। संपत्ति खरीदने के योग बनेंगे। मिथुन राशि का स्वामी ही बुध है अतः स्वामी के वक्री होने से भौतिकतावादी प्रवृत्ति बढ़ेगी।

 

कर्क: कर्क राशि के जातकों के लिए बुध प्रथम स्थान लग्न भाव में वक्री होगा। शारीरिक और मानसिक रूप से कुछ कमजोरी महसूस करेंगे। निर्णय क्षमता कमजोर होगी। उतावले होकर काम न करें अन्यथा नुकसान हो सकता है। कोई भी काम सोच-विचार कर ही करें।

सिंह: सिंह राशि के लिए बुध द्वादश स्थान यानी व्यय भाव में वक्री होगा। शत्रुओं पर विजय हासिल करेंगे। आर्थिक या शारीरिक नुकसान हो सकता है। खर्च बढ़ेंगे, लेकिन भूमि संपत्ति संबंधी कार्यों में लाभ मिलेगा।

 

कन्या: अपनी इसी राशि में बुध उच्च के होते हैं। कन्या राशि के लिए बुध आय स्थान में वक्री होगा। रोगों से मुक्ति के साथ धन-संपदा में वृद्धि होगी। नया व्यापार-व्यवसाय प्रारंभ कर सकते हैं या वर्तमान कार्य में विस्तार होगा। वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा।

तुला: तुला राशि के जातकों के लिए बुध दशम स्थान में वक्री हो रहा है। बुध का मित्र ग्रह है शुक्र, इसलिए तुला राशि के लिए यह समय अच्छा बीतेगा। प्रमोशन और व्यापारी कार्य विस्तार होगा। वाहन सुख की प्राप्ति होगी। समाज में पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। विवाह के योग बनेंगे।

 

वृश्चिक: इस राशि के लिए बुध नवम स्थान यानी धर्म स्थान में में वक्री होगा। धर्म के प्रति रुचि नहीं रहेगी। क्रोधी स्वभाव से नुकसान हो सकता है।

धनु: इस राशि के लिए बुध अष्टम भाव में वक्री होगा। रोग होने की आशंका है। उतावलेपन में नुकसान हो सकता है। धैर्य और संयम संयम से काम लें। परिवार के साथ समय बिताएंगे।

 

मकर: मकर राशि के लिए बुध सप्तम भाव में वक्री होगा। विवाह की बात पूरी नहीं होगी। जीवन साथी को प्यार और सम्मान दें।

कुंभ: बुध छठे भाव में कुंभ राशि के लिए वक्री होंगे। छोटी-छोटी बातों पर परिवार और बाहरी स्थिति में विवाद करने लगेंगे। वाणी में कटुता के कारण संबंध खराब हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में सावधानी रखें।

 

मीन: इस राशि के लिए पंचम भाव में वक्री होगा। आर्थिक लाभ होगा। दोस्तों और संबंधियों से विवाद हो सकता है, लिहाजा सावधानी बरतें।

 

 

 

 

credit by naidunia

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