अमेरिकी सांसद ने गूगल के CEO से पूछा- इडियट सर्च करने पर ट्रंप की तस्वीरें क्यों आती हैं, जानें- पिचाई ने क्या कहा

वॉशिंगटन: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को अमेरिका सरकार के सामने पेश होना पड़ा. उन्हें सरकार को ये जनकारी देने के लिए बुलाया गया था कि गूगल डेटा को कैसे इकट्ठा करता है और उसकी फिल्टरिंग का तरीका क्या है.

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम नई दिल्ली Last updated: 13 December 2018 | 10:06:00

अमेरिकी सांसद ने गूगल के CEO से पूछा- इडियट सर्च करने पर ट्रंप की तस्वीरें क्यों आती हैं, जानें- पिचाई ने क्या कहा

वॉशिंगटन: गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को अमेरिका सरकार के सामने पेश होना पड़ा. उन्हें सरकार को ये जनकारी देने के लिए बुलाया गया था कि गूगल डेटा को कैसे इकट्ठा करता है और उसकी फिल्टरिंग का तरीका क्या है. साढ़े तीन घंटे तक चले सवाल जवाब के इस दौर में सांसदों ने पिचाई के ऊपर सवालों की बारिश कर दी और कंज़र्वेटिवों के ख़िलाफ़ पक्षपात का भी आरोप लगाया. इस दौरान उनसे पूछा गया एक सावल वायरल हो गया है. पिचाई से पूछा गया था कि गूगल पर `इडियट` लिखने पर ट्रंप की तस्वीरें क्यों दिखाई देती हैं.

 

सिनेटर जो लोफ्रेन ने पिचाई से सवाल किया, "अभी जब हम गूगल पर इडियट शब्द को इमेज में सर्च करते हैं, डोनाल्ड ट्रंप की एक तस्वीर सामने आ जाती है. मैंने खुद ये करके देखा है, ऐसे क्यों होता है?" इसके जवाब में पिचाई ने इतना लंबा और तकनीक से भार बोझिल सा जबाव दिया जो आम लोगों के समझ से परे थे. ये इस बारे में था कि गूगल का सर्च कैसे काम करता है. पिचाई ने कहा, "जब कभी आप एक कीवर्ड सर्च करते हैं, गूगल ख़रबों वेबसाइट्स की इंडेक्स स्टोरीज आप तक लेकर आता है. फिर हम कीवर्ड को लेकर उनके पेजों के साथ मैच करते हैं और उन्हें 200 सिग्नलों के आधार पर मिलाते हैं- इनमें प्रासंगिकता, ताजगी, लोकप्रियता, अन्य लोग इसका उपयोग कैसे कर रहे हैं जैसी बातें शामिल होती हैं."

 

इसे समझाते हुए उन्होंने आगे कहा, "और किसी भी समय हम उस पर आधारित उस क्वेरी के लिए सबसे अच्छे खोज परिणामों को खोजने और रैंक करने की कोशिश करते हैं.और फिर हम बाहरी रेटिंग देने वालें से उनका मूल्यांकन करवाते हैं और वो इसका मूल्यांकन ऑब्जेक्टिव गाइडलाइन्स के आधार पर करते हैं. ऐसे ही हम इसे प्रक्रिया के सही तरीके से काम करने की बात को सुनिश्चित करते हैं."

 

इसके बाद लोफ्रेन ने व्यंग्यात्मक लहज़े में पूछा कि इसका मतलब ये है कि पर्दे के पीछे बैठा कोई छोटा आदमी ये तय नहीं करता कि लोग स्क्रीन पर किसे देखने जा रहे हैं. इसके जवाब में पिचाई ने कहा कि  सर्च के नतीजों के मामले में गूगल में मैन्युअली कुछ नहीं किया जाता है.

 

 

credit by: abp news

Write Your Own Review

Customer Reviews

अन्य खबरे