PAK के पूर्व पीएम गिलानी को झटका, एयरपोर्ट से वापस भेजा गया

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को विदेश जाने से रोका गया है. उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. मंगलवार को वह साउथ कोरिया जाने के लिए लाहौर एयरपोर्ट पहुंचे थे. लेकिन एयरपोर्ट पर सुरक्षाबलों ने उन्हें एंट्री नहीं दी. सुरक्षाबलों ने तर्क द

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम नई दिल्ली Last updated: 06 February 2019 | 11:08:00

PAK के पूर्व पीएम गिलानी को झटका, एयरपोर्ट से वापस भेजा गया

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को विदेश जाने से रोका गया है. उन पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं. मंगलवार को वह साउथ कोरिया जाने के लिए लाहौर एयरपोर्ट पहुंचे थे. लेकिन एयरपोर्ट पर सुरक्षाबलों ने उन्हें एंट्री नहीं दी. सुरक्षाबलों ने तर्क दिया कि आपका नाम `नो-फ्लाई` लिस्ट में है, लिहाजा आप देश नहीं छोड़ सकते हैं. इस घटना के बाद पाकिस्तान की राजनीति गर्मा गई है.

पाकिस्तान की केंद्रीय जांच एजेंसी के मुताबिक, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता और पूर्व पीएम यूसुफ राज गिलानी मंगलवार शाम लाहौर के अल्लामा इकबाल एयरपोर्ट पहुंचे थे. उन्हें साउथ कोरिया एक कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए जाना था. जब वह इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि वह इस यात्रा पर नहीं जा सकते हैं, क्योंकि उनका नाम नो-फ्लाई लिस्ट में है. गृह मंत्रालय के आदेश पर गिलानी का नाम ब्लैक लिस्ट में डाला गया.

देश के पूर्व पीएम के साथ इस रवैये पर विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी भड़क गई. पार्टी की तरफ से कहा गया कि गिलानी अपने खिलाफ चल रहे केस के संबंध में लगातार कोर्ट में पेश हो रहे हैं. यूसुफ रजा गिलानी ने कहा, `मेरा नाम नो फ्लाई लिस्ट में डालने की कोई तुक नहीं है. मैं देश छोड़कर नहीं भाग रहा था. प्रधानमंत्री इमरान खान का एकमात्र एजेंडा राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाना है.`

गिलानी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ की सरकार को मुझे यह जानकारी देनी चाहिए थी कि उनका नाम ब्लैक लिस्ट में है. उन्होंने इमरान सरकार के इस फैसले को अवैध बताते हुए यह भी कहा कि वह इस फैसले को चुनौती देंगे.

 

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी भ्रष्टाचार के कई केस में आरोपी हैं. पिछले हफ्ते ही इस्लामाबाद की भ्रष्टाचार रोधी अदालत से गिलानी ने व्यक्तिगत पेशी से छूट की अपील की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. यह केस एक प्राइवेट कंपनी को गलत तरीके से विज्ञापन कॉन्ट्रैक्ट देना का है. गिलानी पर आरोप है कि उन्होंने यह कॉन्ट्रैक्ट देने में अथॉरिटी का गलत इस्तेमाल किया, जिससे सरकारी खजाके को करीब 12 करोड़ 90 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा.

यूसुफ रजा गिलानी 2008 से 2012 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं. 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया था, जिसके बाद उन्हें कुर्सी छोड़ने पड़ी थी. बता दें कि पाकिस्तान के एक और प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी भ्रष्टाचार के गंभीर इल्जामों का सामना कर रहे हैं. पिछले साल हुए आम चुनाव से पहले उन्हें जेल तक जाना पड़ा था. जबकि उससे पहले दोषी करार दिए जाने के बाद उन्हें पीएम की कुर्सी छोड़नी पड़ी थी.

 

 

credit by: aaj tak

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