भागलपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित को भेजा गया 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

भागलपुर में दंगा के बाद अर्जित की गिरफ्तारी नहीं होने के बाद राज्य की नीतीश सरकार पर सवाल उठ रहे थे. विपक्षी दल आरजेडी और कांग्रेस का आरोप है कि सरकार सहयोगी होने की वजह से दंगाईयों को संरक्षण दे रही है. |

इण्डिया, कोर न्यूज़ टीम पटना Last updated: 01 April 2018 | 18:16:00

भागलपुर हिंसा: केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अर्जित  को भेजा गया 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

बिहार के भागलपुर शहर में हिंसा भड़काने के आरोपी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे अरिजित शाश्वत ने शनिवार को पटना में आखिरकार सरेंडर कर दिया। भाजपा नेता शाश्वत की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पांच सदस्यीय टीम गठित की गई थी जो उनकी गिरफ्तारी को लेकर प्रयास कर रही थी। .अर्जित शाश्वत ने शनिवार को पटना में सरेंडर किया था, जिसके बाद पुसिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद पुसिस उसे भागलपुर ले गई और उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है.अर्जित शाश्वत बीते एक हफ्ते से फरार चल रहे थे और निचली अदालत से अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज होने के बाद उसने सरेंडर किया.

अरिजित पे आरोप .....

अरिजित पर भागलपुर में भड़काउ बयान देने का आरोप है जिसके बाद हिंसा भड़की थी। रामनवमी के दौरान एक धार्मिक जुलूस निकाले जाने के बाद भागलपुर में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। इसके बाद बिहार के दूसरे हिस्सों में भी इस तरह की हिंसा देखने को मिली थी। अरिजित पर भड़काउ बयान देने का आरोप लगा था।


गिरफ्तारी के बाद इस मामले में स्थानीय अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी खारिज कर दी। सरेंडर करने से पहले 38 वर्षीय अरिजीत ने कहा, `मैं सरेंडर करने जा रहा हूं। हम उच्च अदालत में भी जाएंगे। मेरे खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर फर्जी है।` अरिजित ने कहा, `अग्रिम जमानत की याचिका खारिज हो गई और मैंने पहले ही कहा था कि न्यायालय की शरण में हैं। मैंने न्यायालय का सम्मान करते हुए सरेंडर किया है। हाई कोर्ट में पहले ही जा चुके हैं और जो न्यायसंगत होगा वही कार्य करेंगे।" इसके अलावा अरिजित ने ये भी कहा कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सम्मान करते हैं और प्रशासनिक अधिकारियों ने जो गड़बड़ी की है, उसका वह विरोध कर रहे हैं। अरिजीत के खिलाफ पिछले एक हफ्ते से गिरफ्तारी का वारंट जारी है लेकिन पुलिस उन्हें अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।

आपको बता दें कि भागलपुर का दंगा बिहार की सियासत में कुहराम मचा रखा है. `सुशान बाबू` नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं. आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव लगातार उनपर हमले कर रहे हैं. तेजस्वी यादव ने दो ट्वीट किए जिनमें सत्ताधारी पार्टी जेडीयू और सीएम नीतीश दोनों को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा, "दंगा आरोपी केंद्रीय मंत्री का बेटा मुख्यमंत्री आवास से चंद कदम दूर मंदिर में सरेंडर करता है.उसके सरेंडर को नीतीश कुमार की पार्टी गिरफ़्तारी कह रही है. कुछ शर्म करों,BJP के हाथों आपने अपनी खादी को तो दाग़दार करवा लिया कम से कम ख़ाकी की ईज्जत तो मत उतारों. गृह विभाग CM के पास है."


भागलपुर में दंगा के बाद अर्जित की गिरफ्तारी नहीं होने के बाद राज्य की नीतीश सरकार पर सवाल उठ रहे थे. विपक्षी दल आरजेडी और कांग्रेस का आरोप है कि सरकार सहयोगी होने की वजह से दंगाईयों को संरक्षण दे रही है. |

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