मुजफ्फरपुर बालिका गृह पहुंची सीबीआई की टीम, ब्रजेश ठाकुर के बेटे को बुलाया

बालिका गृह का संचालन कर रहे ठाकुर के एनजीओ की सात महिलाकर्मियों समेत कुल 10 लोग गिरफ्तार किए गए थे. ठाकुर समेत सभी 10 आरोपियों के खिलाफ मुजफ्फरपुर पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम पटना Last updated: 11 August 2018 | 12:14:00

मुजफ्फरपुर बालिका गृह पहुंची सीबीआई की टीम, ब्रजेश ठाकुर के बेटे को बुलाया

बालिका गृह रेप केस मामले में सीबीआई की टीम शनिवार को शहर के मुजफ्फरपुर पहुंची. दिल्ली और पटना की सीबीआई टीम ब्रजेश ठाकुर बालिका गृह का पूर्ण रूप से निरीक्षण करने के लिए स्पेशल फोरेंसिक उपकरण साथ लाई है.

ब्रजेश ठाकुर के बेटे राहुल आनंद को सीबीआई टीम ने फोन कर बालिका गृह परिसर में बुलाया. सीबीआई के कई अधिकारी बालिका गृह परिसर में मौजूद हैं. बालिका गृह में जेसीबी मशीन भी लाया गया है. इससे पहले भी एक बार पुलिस ने कैंपस में जेसीबी का इस्तेमाल किया था.

इससे पहले बताया गया था कि सीबीआई और एफएसएल की टीम मुजफ्फरपुर बालिका गृह जाकर उन कमरों की जांच करेगी, जहां नाबालिग लड़कियां रहती थीं.

बालिका गृह रेप कांड की जांच की जिम्मेदारी मिलने के बाद सीबीआई ने अभी तक बालिका गृह का दौरा नहीं किया था. शनिवार को सीबीआई की टीम और फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के तकनीशियनों के साथ एक मजिस्ट्रेट भी होंगे. मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ही बालिका गृह का ताला खोला जाएगा.

राज्य सरकार प्रायोजित इस बालिका गृह का संचालन कांड के मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति करता था. साहू रोड स्थित इसी कैंपस में ब्रजेश ठाकुर का घर और उसका प्रिंटिंग प्रेस भी है. फिलहाल उसके परिवार के सारे लोग इस कैंपस को छोड़ चुके हैं.

मामले की जांच कर रही सीबीआई मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को रिमांड पर लेने की तैयारी भी कर रही है. रिमांड के लिए अदालत में आवेदन देने से पहले सीबीआई ने ब्रजेश ठाकुर की मेडिकल रिपोर्ट अपने पास मंगवाई है. जांच एजेंसी को पेशी के दौरान हंसते ब्रजेश ठाकुर के बीमार होने पर भी शक है.

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक बहुत जल्द ही मुजफ्फरपुर लोकल कोर्ट में रिमांड के लिए जरूरी दस्तावेज जमा कराया जाएगा. बालिका गृह रेप केस सामने आने के बाद ब्रजेश ठाकुर को मुजफ्फरपुर पुलिस ने 3 जून को गिरफ्तार किया था. इसके बाद महज 5 दिन ही जेल के वार्ड में रहकर वह अस्पताल में भर्ती हो गया.

बालिका गृह का संचालन कर रहे ठाकुर के एनजीओ की सात महिलाकर्मियों समेत कुल 10 लोग गिरफ्तार किए गए थे. ठाकुर समेत सभी 10 आरोपियों के खिलाफ मुजफ्फरपुर पुलिस चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. इससे पहले बिहार पुलिस की जांच टीम ने लड़कियों के कमरों से नशे की दवाइयां और इंजेक्शन बरामद किया था.

मामले की जांच 26 जुलाई को सीबीआई को सौंपने से पहले बिहार पुलिस ब्रजेश ठाकुर को रिमांड पर लेने में नाकामयाब रही, जिसके लिए उसकी काफी आलोचना भी हुई थी. इस बीच कोर्ट में पेशी के दौरान मीडियाकर्मियों से बात करते हुए ब्रजेश ठाकुर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया और इसके पीछे राजनीतिक साजिश की बात कही थी.

 

 

 

 

 

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