कांग्रेस ने नीतीश कुमार से की अपील ,महागठबंधन पर करें पुनर्विचार

कांग्रेस ने नीतीश कुमार से अपील की है कि वे सरकार के मुखिया होने के नाते समय की मांग के अनुरूप पूर्व के निर्णय पर पुनर्विचार करें.मालूम हो कि साल 2015 में कांग्रेस, आरजेडी और जदयू ने मिलकर बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें इस महागठबंधन को दो

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम डेस्क Last updated: 31 March 2018 | 11:00:00

कांग्रेस ने नीतीश कुमार से की अपील ,महागठबंधन पर करें पुनर्विचार

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस चाहती है कि वह एक बार फिर से नीतीश कुमार को अपने पाले में ले आए. इसके लिए कांग्रेस के बड़े  नेताओं ने शुक्रवार को नीतीश कुमार के सामने दबी जुबान में ऑफर भी कर दिया है.बिहार में कांग्रेस आपसी सौहार्द्र का हवाला देकर महागठबंधन को एक बार फिर से खड़ा करने में जुटा है तो दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने नीतीश चाचा से दूर रहने की बात को माना है


कांग्रेस के प्रभारी अध्यक्ष कौकब कादरी और राजद के विधान पार्षद संजय प्रसाद के बाद अब कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बिहार के हित में सोचने की सलाह दी है। सदानंद सिंह ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा कि बिहार में भाजपा-आरएसएस को सत्ता के दुरुपयोग से रोकना आवश्यक है। इसके लिए महागठबंधन का पुनर्गठन आवश्यक हो गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

सिंह ने आज जारी बयान में कहा कि सियासी मजबूरी की वजह से नीतीश कुमार दंगा के दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। भागलपुर के आरोपी भाजपा नेता गिरफ्तार नहीं हो पा रहे हैं। औरंगाबाद में गिरफ्तार नेता फरार हो जा रहे हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार हमले कर रहे हैं कि राज्य का लॉ एंड ऑर्डर सीएम नीतीश के हाथ में होने के बावजूद दंगा आरोपियों के खिलाफ सख्ती नहीं बरती जा रही है. आरोप है कि सीएम नीतीश राजनीतिक दबाव में बीजेपी के आरोपी नेताओं के खिलाफ एक्शन लेने में झिझक रहे


बिहार में सांप्रदायिक तनाव की लपटें धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश को दंगे की आग में जलाकर इसका विकास नहीं किया जा सकता है. शांति सद्भाव और कानून व्यवस्था किसी शासन की पहली प्राथमिकता होती है. कांग्रेस ने नीतीश कुमार से अपील की है कि वे सरकार के मुखिया होने के नाते समय की मांग के अनुरूप पूर्व के निर्णय पर पुनर्विचार करें.मालूम हो कि साल 2015 में कांग्रेस, आरजेडी और जदयू ने मिलकर बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें इस महागठबंधन को दो तिहाही बहुमत मिला था

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