चारा घोटाला : लालू यादव को 60 लाख के जुर्माने के साथ दो अलग - अलग धाराओं में सात - सात साल की सजा

बीआई के अधिवक्ता ने बताया कि लालू को अदालत ने इस मामले में भी आपराधिक षड्यंत्र एवं भ्रष्टाचार का दोषी पाया है.विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव को आपराधिक षड्यन्त्र, गबन, फर्जीवाड़ा, साक्ष्य छिपाने, पद के दुरुपयोग का आरोप लगया है

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम बिहार Last updated: 24 March 2018 | 13:13:00

लालू यादव को 60 लाख  के जुर्माने के साथ दो अलग - अलग धाराओं  में सात सात साल की सजा

 चारा घोटाला से जुड़े छह मामलों में  से दुमका कोषागार अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद और ओमप्रकाश दिवाकर को सीबीआई की विशेष अदालत ने  आइपीसी की धारा में सात वर्ष की सजा और 30 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है। वहीं पीसी एक्ट की धारा में सात वर्ष की सजा और 30 लाख जुर्माना लगाया गया है। ऐसे में इन दोनों को 14 वर्ष की सजा काटनी होगी और 60 लाख रुपये जुर्माना भी देना होगा। 


आप को बता दें कि सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने दुमका कोषागार अवैध निकासी  के मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दिया था. सीबीआई के अधिवक्ता ने बताया कि लालू को अदालत ने इस मामले में भी आपराधिक षड्यंत्र एवं भ्रष्टाचार का दोषी पाया है.

विशेष अदालत ने लालू प्रसाद यादव   को आपराधिक षड्यन्त्र, गबन, फर्जीवाड़ा, साक्ष्य छिपाने, पद के दुरुपयोग आदि से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120बी, 409, 420, 467, 468, 471, 477ए के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दोषी पाया. लालू प्रसाद यादव  के खिलाफ चारा घोटाले से जुड़े कुल पांच मामलों में रांची में मुकदमे चल रहे थे. 

चारा घोटाला बिहार का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार घोटाला था जिसमें पशुओं को खिलाए जाने वाले चारे के नाम पर 950 करोड़ रुपये सरकारी खजाने से फर्जीवाड़ा करके निकाले गए थे. सरकारी खजाने की इस चोरी में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव  व पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को भी आरोपी बनाया गया था. घोटाले में आरोपी बनाए जाने के बाद लालू प्रसाद यादव  को सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था. 


photo credit - Odisha Samaya

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    Review by Upendra kumar mishra on 24 March 2018
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