वायु सेना की जल्द बढ़ेगी ताकत , मोदी सरकार ने सुरु की 100 लड़ाकू विमान खरीद की प्रक्रिया

यह सौदा सरकार के मेक इन इंडिया पहल के साथ होगा। अधिकारियों ने कहा कि भारत में अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी लाने के मकसद से हाल में शुरू रणनीतिक भागीदारी मॉडल के तहत भारतीय कंपनी के साथ मिलकर विदेशी विमान निर्माता लड़ाकू विमानों का उत्पादन करेंगे।

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम डेस्क Last updated: 07 April 2018 | 12:39:00

वायु सेना की जल्द बढ़ेगी ताकत , मोदी सरकार ने सुरु की 100 लड़ाकू विमान खरीद की प्रक्रिया

केंद्र की मोदी सरकार ने वायुसेना के लिए 114 लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया है. । इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने टेंडर प्रक्रिया शुरु कर दी है.इनमें से 15 प्रतिशत फाइटर जेट्स (लड़ाकू विमान) विदेशी कंपनियों से सीधे खरीदे जाएंगे और बाकी 85 प्रतिशत `मेक इन इंडिया` के तहत देश में ही तैयार किए जाएंगे. इसके लिए स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप के तहत कोई भी भारतीय कंपनी किसी विदेशी कंपनी से करार कर इस टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ले सकती है. इनमें से 25 प्रतिशत टू-इन सीटर जेट्स होगें (यानि ट्रेनिंग के लिए) और बाकी 75 प्रतिशत सिंगल-सीटर हैं

यह सौदा सरकार के मेक इन इंडिया पहल के साथ होगा। अधिकारियों ने कहा कि भारत में अत्याधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी लाने के मकसद से हाल में शुरू रणनीतिक भागीदारी मॉडल के तहत भारतीय कंपनी के साथ मिलकर विदेशी विमान निर्माता लड़ाकू विमानों का उत्पादन करेंगे।

सौदे की स्पर्धा में लॉकहीड मार्टिन, बोइंग, साब और दसॉल्ट समेत अन्य सैन्य विमान निर्माता कंपनियों के शामिल होने की उम्मीद है। वायु सेना पुराने हो चुके कुछ विमानों को बाहर करने के लिए अपने लड़ाकू विमान बेड़े की गिरती क्षमता का हवाला देते हुए विमानों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर दे रही है। सरकार द्वारा पांच साल पहले वायु सेना के लिए 126 मध्यम बहु भूमिका लड़ाकू विमान (एमएमआरसीए) की खरीद प्रक्रिया को रद्द करने के बाद लड़ाकू विमानों के लिए यह पहला बड़ा सौदा होगा। इसकी जगह, राजग सरकार ने सितंबर 2016 में 36 राफेल दोहरे इंजन वाले लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए फ्रांस सरकार के साथ 7.87 अरब यूरो (करीब 59000 करोड़ रूपये) के सौदे पर दस्तखत किया था।

पाकिस्तान को इस बारे में अवगत किया गया

अभ्यास के पहले चरण में उत्तरी सीमा पर फोकस होगा और पश्चिमी सीमा के पास दूसरे चरण में युद्ध जैसी स्थिति के मामले में तैयारियों की जांच की जाएगी . अधिकारियों ने बताया कि आठ से 22 अप्रैल तक चलने वाला अभ्यास हालिया दशकों में सबसे बड़े अभ्यास में होगा. निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत पाकिस्तान को इस बारे में अवगत कराया जा चुका है . वायु सेना ने एक बयान में कहा कि इस अभ्यास का मकसद जल्द और भीषण युद्ध की परिस्थिति में वायु ताकत में समन्वय, तैनाती को परखना है.

 

न्यूज़ क्रेडिट - http://abpnews.abplive.in/india-news/indian-air-force-iaf-begins-process-to-procure-100-fighter-jets-under-pm-modi-make-in-india-८२७०४१
                  https://www.khabarindiatv.com/india/national-indian-air-force-begins-process-to-procure-110-fighter-jets-worth-15-billion-576563

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