तमिलनाडु में PM का जोरदार विरोध लगे मोदी गो बैक के पोस्टर

विशेष विमान से चेन्नई पहुंचे मोदी का हवाईअड्डे पर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पोन राधाकृष्षण, राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री ई.पलनीस्वामी, उपमुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम और मुख्य सचिव गिरिजा वैद्यनाथन ने स्वागत किया

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम डेस्क Last updated: 12 April 2018 | 16:04:00

तमिलनाडु में PM  का जोरदार विरोध लगे मोदी गो बैक के पोस्टर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ राजनीतिक, सामाजिक और छात्र संगठनों ने तमिलनाडु में कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड बनाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया है.चेन्नई में आज से शुरू हुए डिफेंस एक्स्पो में पहुंचे PM नरेंद्र मोदी | इस दौरे का विपक्षी पार्टियों ने काले झंडे दिखाकर विरोध किया है


विशेष विमान से चेन्नई पहुंचे मोदी का हवाईअड्डे पर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पोन राधाकृष्षण, राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री ई.पलनीस्वामी, उपमुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम और मुख्य सचिव गिरिजा वैद्यनाथन ने स्वागत किया


भारत की बढ़ती ताकत को देखकर आज पूरी दुनिया भारत की कायल हो रही है , हर बुक मैगजीन में भारत के प्रधानमंत्री की तुलना ने देश के नेताओ से होने लगी है इतना ही नहीं मोदी सर्कार में हमारी सैन्य शक्ति भी भड़ी और इसी शक्ति को दिखने के लिए आज से चेन्नई में #डेफेंसेक्सपो२०१८ की सुरुवात हो गई है

सेना की ताकत ही देश की ताकत होती है और भारत की सेना हमेशा देश के लिए समर्पित रहती है यही वजह है की आज पूरे विश्व में हिंदुस्तान की सेना का लोग लोहा मानते है


क्या है विवाद?

आपको बता दें कि उच्चतम न्यायालय ने कावेरी नदी के जल के बंटवारे में तमिलनाडु के हिस्से का पानी घटा दिया और कर्नाटक का हिस्सा बढ़ा दिया था. इसके अलावा कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड का अभी गठन नहीं हुआ, इन बातों को लेकर तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन जारी था

कावेरी नदी जल विवाद पर कानूनी शुरूआत 1892 और 1924 को हुए समझौतों की वजह से हुई जोकि मैसूर के राजपरिवार और मद्रास प्रेसिडेंसी के बीच हुर्ई थी। सुप्रीम कोर्ट की दखल के बाद केंद्र सरकार ने 1990 में कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल का गठन किया।

साल 2007 में ट्रिब्यूनल ने अपने अंतिम फैसला देते हुए कहा कि तमिलनाडू को 419 टीएमसीएफटी पानी मिलना चाहिए, कोर्ट ने जो आदेश दिया है, ये उसका दोगुना है यही वजह है कि कर्नाटक इस आदेश से संतुष्ट नही है।

2007 के आर्डर से पहले तलिमनाडू ने 562 टीएमसीएफटी पानी की मांग की जोकि कावेरी बेसिन में मौजूद पानी का तीन चौथाई हिस्सा था। वहीं कर्नाटक ने 465 टीएमसीएफटी पानी की मांग की जोकि उपलब्ध पानी का दो तिहाई हिस्सा था। 



 photo credit - aaj tak 

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