12 साल तक के नाबालिग से रेप करने पर मौत की सजा वाले अध्यादेश पर राष्ट्रपति की मुहर लगी

बारह साल से कम उम्र के बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों को अदालतों द्वारा कम से कम 20 साल कारावास की सजा या मृत्यु दंड होगी. बारह साल से कम उम्र की लड़कियों से सामूहिक बलात्कार के दोषियों को शेष जीवन तक कैद या मौत की सजा का प्रावधान किया गया है.

इण्डिया, कोर न्यूज़ टीम दिल्ली Last updated: 22 April 2018 | 11:28:00

12 साल तक के नाबालिग से  रेप करने पर मौत की सजा वाले अध्यादेश पर राष्ट्रपति की मुहर लगी

आपको बता दे 12 साल से कम उम्र की नाबालिग के साथ रेप करने वालों को मौत की सजा हो सकती है. सरकार ने एक अध्यादेश के जरिए बलात्कार के मामलों में सख्त से सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अध्यादेश पर अपनी मुहर लगा दी और अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ये अमल में आ जाएगा. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की तारीख के बाद से हुए मामलों में नए प्रावधान लागू होंगे. आपराधिक कानून मे बदलाव से जुड़े अध्यादेश की खास बातें कुछ इस तरह है.

सरकार द्वारा पारित अध्यादेश के मुताबिक, आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), साक्ष्य कानून, आपराधिक प्रक्रिया संहिता और बाल यौन अपराध संरक्षण कानून (पोक्सो) में संशोधन का प्रावधान है. इसमें ऐसे अपराधों के दोषियों के लिए मौत की सजा का नया प्रावधान लाने की बात कही गई है. इसमें 16 वर्ष से कम आयु की किशोरियों और 12 वर्ष से कम आयु की बच्चियों से बलात्कार के दोषियों के खिलाफ सख्त दंड का प्रावधान किया गया है. इसके तहत 12 साल से कम उम्र के बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों को अदालतों द्वारा मौत की सजा देने की बात कही गई है.

इसके अलावा बलात्कार के मामलों की तेज गति से जांच और सुनवाई के लिये भी अनेक उपाए किये गए हैं. महिला के साथ बलात्कार के संदर्भ में सजा को 7 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष के कारावास किया गया है जिसे बढ़ाकर उम्र कैद किया जा सकता है.

नवजात से लेकर 12 वर्ष की कम उम्र तक की नाबालिग का बलात्कार करने वालों को कम से कम 20 साल या ताउम्र सजा या फिर मौत की सजा हो सकती है.

नवजात से लेकर 12 वर्ष की कम उम्र तक की नाबालिग के सामूहिक बलात्कार की स्थिति में या तो पूरी जिंदगी जेल में गुजारनी होगी या फिर मौत की सजा.

12 वर्ष से 16 वर्ष की उम्र की नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार की सूरत में दोषियों को पूरी उम्र जेल में गुजारनी होगी.

16 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग के साथ बलात्कार करने के दोषी के लिए कम से कम 20 साल जेल में गुजारनी होगी जिसे पूरी जिंदगी तक के लिए बढ़ाया जा सकता है. अभी कम से कम सजा 10 साल के लिए है.

16 वर्ष से ऊपर की उम्र के किसी से बलात्कार होता है तो उसके लिए कम से कम 10 वर्ष जेल की सजा होगी जिसे पूरी जिंदगी तक के लिए बढ़ाया जा सकता है. अभी कम से कम सजा 7 साल के लिए है.


जांच प्रक्रिया और अदालती कार्रवाई:

 


बलात्कार के सभी मामलों की जांच का काम दो महीने में पूरा करना जरुरी होगा.

मुकदमे पर बहस वगैरह के लिए भी दो महीने का वक्त तय किया गया है.

वहीं अपील को 6 महीने के भीतर निबटाना होगा.


जमानत:

 


16 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग के बलात्कार, चाहे वो सामूहिक बलात्कार ही क्यों ना हो, के मामले में अग्रिम जमानत नहीं मिलेगी.

16 वर्ष से कम उम्र की नाबालिग के बलात्कार के मामले में जमानत की याचिका पर सुनवायी के पहले प्रभावित बेटी के प्रतिनिधियों और सरकारी वकील को 15 दिन का नोटिस मिलेगा.

व्यवस्था में सुधार.

नए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे.

सरकारी वकीलों के नए पद घोषित होंगे.

सभी थानों और अस्पतालों में बलात्कार पीड़िता के लिए फोरेंसिक किट उपलब्ध कराए जाएंगे.

बलात्कार से जुड़े मामलों को समयबद्ध तरीके से निबटाने के लिए विशेष तौर पर अधिकारियों-कर्मचारियों की नियुक्ति होगी.

हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश में बलात्कार से जुड़े मामलों के लिए विशेष फॉरेसिंग लैब बनाए जाएंगे.

बारह साल से कम उम्र के बच्चियों से दुष्कर्म के दोषियों को अदालतों द्वारा कम से कम 20 साल कारावास की सजा या मृत्यु दंड होगी. बारह साल से कम उम्र की लड़कियों से सामूहिक बलात्कार के दोषियों को शेष जीवन तक कैद या मौत की सजा का प्रावधान किया गया है.

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