स्वाति मालीवाल के अनशन का सातवां दिन , बोली पी एम मोदी जिद्दी है तो मैं भी कम जिद्दी नही

स्वाति मालीवाल ने गुरुवार को कहा कि हमारे हौसले बुलंद है. हमारा अनशन देश की बेटियों के लिए है. उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ से ही अनशन के लिए मेरा हौसला बढ़ रहा है. स्वाति ने ये भी कहा कि देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाए

इंडिया, कोर न्यूज़ डेस्क Last updated: 19 April 2018 | 19:02:00

स्वाति मालीवाल के अनशन का सातवां दिन , बोली पी एम मोदी जिद्दी है तो मैं भी कम जिद्दी नही

उन्नाव और कठुआ में हुई रेप की घटनाओं के मामले पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का अनशन गुरुवार को 7वें दिन भी जारी रहा. स्वाति मालीवाल मांग कर रही हैं कि रेप की घटना को अंजाम देने वालों को 6 महीने के अंदर सजा दी जाए.

ऐसे मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग

स्वाति मालीवाल ने गुरुवार को कहा कि हमारे हौसले बुलंद है. हमारा अनशन देश की बेटियों के लिए है. उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ से ही अनशन के लिए मेरा हौसला बढ़ रहा है. स्वाति ने ये भी कहा कि देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाए, जिससे जो लोग इस तरह की घटना को अंजाम देते हैं, उन्हें कड़ी सजा मिल सके.

स्वाति मालीवाल ने रेप के मामले में संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संविधान के पूरे दायरे में दिल्ली पुलिस को 20 दिन के अंदर चार्जशीट फ़ाइल करनी होती है. अब जब 20 दिन में चार्जशीट फ़ाइल हो सकती है तो फास्ट ट्रैक कोर्ट में 6 महीने के अंदर सुनवाई क्यों नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि हमारे देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट की कमी है. जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं.

क्या पाकिस्तान से भी गया गुजरा है भारत?

स्वाति ने ये भी कहा कि पाकिस्तान की कोर्ट के जरिए जब जीनत को इंसाफ मिल सकता है तो क्या इंडिया पाकिस्तान से भी गया गुजरा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कुछ नहीं बोलते. हम चाहते हैं कि वो एक्शन लें. प्रधानमंत्री अगर जिद्दी हैं तो मैं भी उनकी बेटी हूं. मैं अनशन खत्म करने वाली नहीं हूं. स्वाति मालीवाल ने कहा कि उनको फर्क नहीं पड़ता कि मोदीजी विदेश यात्रा पर गए हैं. उन्होंने कहा, मुझे भरोसा है कि पीएम मोदी विदेश से लौटने के बाद उनसे जरूर मिलेंगे और बात करेंगे. वो पीएम के लौटने का इंतजार करेंगी.

रेप के मामले पर विदेश में जाकर बोल रहे हैं मोदी

मालीवाल का ये भी कहना है कि मोदीजी विदेश जाकर रेप के बारे में बोल रहे हैं और देश में चुप रहते हैं. उन्हें कड़े कानून बनाने चाहिए. स्वाति ने मंच पर ये भी कहा कि जब उन्होंने अनशन शुरू किया तो दिल्ली ही नहीं पूरे देश से लोगों ने इसका समर्थन करना शुरू किया. ऐसे में तो ये साफ है कि लोगों की मानसिकता में कोई समस्या नहीं है.

छह महीने के अंदर हो फांसी की सजा

स्वाति ने कहा कि मैं दावे के साथ इस बात को कह सकती हूं कि इस देश के 90 प्रतिशित लोगों की सोच सही है, केवल 10 प्रतिशत ऐसे हैं जिन्होंने पूरे देश को बर्बाद कर रखा है. इस 10 प्रतिशत में नेता भी शामिल हैं. इसलिए मैं मांग कर रही हूं कि बच्चों के रेप के मामले में छह महीने के अंदर फांसी की सजा का प्रावधान हो.




 news courtesy - aajtak 

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