नीरव मोदी के बाद PNB में एक और घोटाला, इस बार बैंक को लगाया 3,800 करोड़ का चूना

कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर पीएनबी बैंक ने 3,805.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की रिपोर्ट आरबीआई को दी है. इस मामले को एनसीएलटी के सामने भी रखा जा चुका है.

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम दिल्ली Last updated: 07 July 2019 | 20:30:00

नीरव मोदी के बाद PNB में एक और घोटाला, इस बार  बैंक को लगाया 3,800 करोड़ का चूना

हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक के साथ अरबों रुपये की धोखाधड़ी के बाद अब एक और घोटाला सामने आया है. इस संबंध में शनिवार को पंजाब नेशनल बैंक ने कहा कि उन्‍हें भूषण पावर एंड स्‍टील लिमिटेड (बीपीएसएल) द्वारा की गई 3,800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पता चला है.

पीएनबी ने कहा कि इसकी जानकारी खुद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने दी है. कंपनी ने बैंक कर्ज में धोखाधड़ी की और बैंकों के समूह से धन अर्जित करने के लिए अपने खाते में भी गड़बड़ी की. बैंक ने इस मामले की सूचना शेयर बाजार और सेबी को भी दे दी है.


बैंक ने आरबीआई को दी रिपोर्ट
कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर पीएनबी बैंक ने 3,805.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की रिपोर्ट आरबीआई को दी है. इस मामले को एनसीएलटी के सामने भी रखा जा चुका है. बैंक इस कर्ज की वसूली करने की पूरी कोशिश कर रहा है.

पीएनबी ने कहा कि बैंक पहले ही बीपीएसएल खाते के लिए निर्धारित विवेकपूर्ण मानदंडों के अनुसार 1,932.47 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुका है. बता दें कि फरवरी, 2018 में पीएनबी बैंक के साथ हीरा कारोबारी नीरव मोदी द्वारा किए गए 13 हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया था. इसके बाद नीरव मोदी देश छोड़कर भाग गया था. ईडी और सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है.

ब्याज के साथ 7300 करोड़ पीएनबी को चुकाए नीरव मोदी- डीआरटी
ऋण वसूली अधिकरण (डीआरटी) पुणे ने शनिवार को नीरव मोदी को एक और झटका दिया है. अधिकरण ने एक आदेश पारित करते हुए हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उसके सहयोगियों को तुरंत 7300 करोड़ रुपये पंजाब नेशनल बैंक को चुकाने को कहा है. इसके कुछ दिन पहले ही सिंगापुर हाईकोर्ट ने नीरव मोदी की ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में पंजीकृत पवेलियन पॉइंट कॉर्प के खाते फ्रीज करने का आदेश दिया था. इस खाते में करीब 44.41 करोड़ रुपये की राशि मौजूद बताई गई है.

बहन-बहनोई हैं लाभकारी
जानकारी के अनुसार पवेलियन पॉइंट कॉर्प के खाते के लाभकारी मयंक मेहता और पूर्वी मेहता हैं जो नीरव के बहन और बहनोई हैं. अदालत ने यह आदेश ईडी के उस अनुरोध पर दिया जिसमें कहा गया था कि इस खाते में मौजूद राशि जालसाजी और अपराध से अर्जित है. ईडी ने जानकारी दी थी कि इस खाते में रकम पंजाब नेशनल बैंक से किए गए घोटाले के जरिए अवैध तौर पर भेजी गई है.

लेनदेन से लगा दी रोक
वहीं स्विट्जरलैंड ने 27 जून को नीरव और उसकी बहन के चार स्विस खातों पर लेनदेन से रोक लगा दी थी. नीरव के खिलाफ भारत में चल रहे मनी लॉ‌न्ड्रिंग के मामले के तहत कार्रवाई की गई थी. बताया गया कि इन खातों में कुल 283.16 करोड़ रुपये जमा हैं. भारत ने ही स्विट्जरलैंड के अधिकारियों से इन खातों को फ्रीज करने का अनुरोध किया था.

 

 

 

credit by news18 

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