सीबीएसई ने पेपर लीक मामले में पुलिस को दिया अहम सुराग, पुलिस ने की कई लोगो से पूछताछ

फ़िलहाल पुलिस ने इस मामले में करीब 25 लोगों से पूछताछ की है जिसमें अधिकतर छात्र हैं जिनके पास हाथ से लिखा प्रश्‍न पत्र था. पुलिस इस मामले में पता लगाने में जुटी है की आखिरकार ये पेपर कहां से लीक हुआ और व्‍हाट्सएप पर कैसे लोगों तक पहुंचा. |

इण्डिया, कोर न्यूज़ टीम दिल्ली Last updated: 29 March 2018 | 11:26:00

CBSE gave important information to police in the paper leak case


 दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दो मामले दर्ज करके 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र के पेपर तथा 10वीं कक्षा का गणित का पर्चा कथित रूप से लीक होने के मामले की जांच तेजी से कर रही है केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं क्लास के प्रश्न-पत्र लीक ने 24 लाख से अधिक छात्रों की मुश्किलें बढ़ा दी है. 12वीं के छात्रों को अब अर्थशास्त्र (इकोनॉमिक्स) जबकि 10वीं के छात्रों को गणित (मैथ) का पेपर देना होगा. तारीखों की घोषणा सीबीएसई वेबसाइट पर एक सप्ताह के भीतर की जाएगी. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अब तक 25 लोगों से पूछताछ की है.

वहीं दूसरी ओर सीबीएसई ने कहा है कि परीक्षा के लिए नई तारीखों का ऐलान जल्द किया जाएगा.पेपर लीक मामले में ऍफ़ आई आर धोखाधड़ी (420), आपराधिक षडयंत्र (120बी) और आपराधिक विश्वासघात (406) के आरोप में दर्ज किए गए हैं. मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है जिसमें दो पुलिस उपायुक्त, चार सहायक पुलिस आयुक्त और पांच निरीक्षक शामिल हैं. यह दल संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) की निगरानी में काम करेगा.

 विशेष पुलिस आयुक्त आर.पी. उपाध्याय ने बताया, "एसआईटी का नेतृत्व संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार करेंगे. जांच करने वाली एसआईटी में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) और सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रैंक के पुलिसकर्मी शामिल हैं."

आपको बता दे सीबीएसई ने बीते 23 मार्च को दिल्ली पुलिस को फैक्स के जरिए एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के पीछे राजेंद्र नगर में रहने वाले एक व्यक्ति का हाथ बताया था. शिकायत के मुताबिक यह व्यक्ति एक कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाता है.

  मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि सोमवार से एक नई व्यवस्था लागू हो जायेगी. अब इलेक्ट्रॉनिकली कोडेड पेपर परीक्षा केंद्रों पर आधे घंटे पहले भेजा जाएगा. ये इलेक्ट्रॉनिक पेपर पासवर्ड प्रूफ होगा यानी बिना पासवर्ड डाले परीक्षा केंद्र वाले पेपर नहीं खोल सकते. सीबीएसई सेंटर पर ही प्रिंट आउट निकालकर छात्रों को बांटा जाएगा पेपर.

फ़िलहाल पुलिस ने इस मामले में करीब 25 लोगों से पूछताछ की है जिसमें अधिकतर छात्र हैं जिनके पास हाथ से लिखा प्रश्‍न पत्र था. पुलिस इस मामले में पता लगाने में जुटी है की आखिरकार ये पेपर कहां से लीक हुआ और व्‍हाट्सएप पर कैसे लोगों तक पहुंचा. |
 

 

फोटो क्रेडिट गूगल आउटलुक 

 

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