नोट और सिक्को पर पाया गया वायरस, जानलेवा साबित हो सकता है

खाने का सामान लेते या देते समय नोट सिक्के का लेन देन न करें और करना भी पड़े तो हाथों में दस्ताने जरूर पहने. दरअसल, कुछ समय पहले ही खबर आई थी कि करेंसी नोट और सिक्कों पर बैक्टीरिया और वायरस पाए गए हैं. |

इण्डिया, कोर न्यूज़ टीम दिल्ली Last updated: 29 March 2018 | 01:58:00

नोट और सिक्को पर पाया गया वायरस,जानलेवा साबित हो सकता है


आपको बता दे खाद्य नियामक एफएसएसएआई (FSSAI) ने करेंसी नोट और सिक्कों से बीमारी फैलने की बात मानते हुए स्ट्रीट वैंडर्स के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. उसने कहा है 
कुछ समय पहले नोट पर 70 फीसदी यूकेरियोटा यानी फफूंद और प्रोटोजोआ मिला था. इन नोटों पर 9 फीसदी बैक्टीरिया मिला था. एक फीसदी से कम वह वायरस मिला, जो जीव कोशिकाओं को नष्ट करता है. रिपोर्ट में पाया गया कि नोटों की पतली सतह पर यह वायरस आसानी से सेटल हो जाते हैं. 

 

दरसल सड़क के किनारे रेडी पटरियों पे समोसे आलू चाट जैसी चटपटी चीजों को देखकर लोग आसानी से ललचा जाते है और इनकी कीमत भी होटलो के मुकाबले काफी कम होती है जिससे लोग इन्हे आसानी से खरीद कर इस्तेमाल कर लेते है लेकिन से वेंडर  या फिर यु कहु की वो दुकानदार हाइजीन का ध्‍यान नहीं रखते और यह हेल्थ के लिहाज से सेफ नहीं होते हैं. यही परेशानी देखते हुए स्ट्रीट फूड को रेगुलेट करने की योजना तैयार की गई है.

आपको बता दे अब विदेश की तर्ज पे स्ट्रीट फ़ूड को बेहतर बनाए के लिए काम किया जायेगा जिससे एक स्ट्रेट फ़ूड सेफ जॉन बन सके और इस क्षेत्र में मिलने वाली सभी खाने पिने की चीजों को फूड रेगुलेटर फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) द्वारा सेफ घोषित किया जाएगा. धीरे-धीरे सभी स्ट्रीट वेंडर्स को इसके दायरे में  भी लाया जाएगा. 

 


आइये जानते है इस पर एक्सपर्ट की राय  ..... 

फिलहाल खाने का सामान लेते समय नोट सिक्के का लेन देन न करें और करना ही है तो हाथों में दस्ताने जरूर पहने. दरअसल, कुछ समय पहले ही खबर आई थी कि करेंसी नोट और सिक्कों पर बैक्टीरिया और वायरस पाए गए हैं. जिसके चलते इंफेक्शन फैल रहा है. इसी को देखते हुए FSSAI ने स्ट्रीट वेंडर्स को एडवाइजरी भेजी है. .
 एक्सपर्ट की माने तो वायरस पतले  कागज पर चिपककर वह लंबे समय तक इस पर बने रह सकते हैं. जो इन्हें इस्तेमाल करने वालों के लिए खतरनाक है. डॉक्टरी भाषा में कहें तो इससे लोगों को जान तक का खतरा हो सकता है. |


मिली जानकारी के अनुसार खाद्य नियामक एफएसएसएआई कुछ समय से सड़क किनारे ठेले पर खाद्य पदार्थ बेचने वालों को स्वच्छता के तौर तरीके और सुरक्षा मानकों में सुधार के मकसद से उन्हें प्रशिक्षित कर रहा है. भारतीय खाद्य पदार्थों को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय स्ट्रीट वेंडर संघ (एनएएसपीआई) एफएसएसएआई की साझेदारी में यह अभियान चलाया जा रहा है. पिछले साल इसे लेकर FSSAI ने एक फूड फेस्ट का भी आयोजन किया था. |

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