CAG रिपोर्ट से दिल्ली में राशन घोटाले का खुलासा , केजरीवाल बोले सीबीआई जाँच करायेगे

CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार राशन की ढुलाई के लिए वित्त वर्ष 2016-17 में कुल 207 गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया है. ऑडिट के दौरान यह बात सामने आई है कि इनमें से 42 गाड़ियां दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड ही नहीं थी.

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम नई दिल्ली Last updated: 04 April 2018 | 11:10:00

CAG रिपोर्ट से दिल्ली में राशन घोटाले का खुलासा , केजरीवाल बोले सीबीआई जाँच करायेगे

सीएजी (कैग) रिपोर्ट में राजधानी दिल्ली में राशन को लेकर बड़ी गड़बड़ी का ख़ुलासा हुआ है. आम आदमी पार्टी सरकार सवालों के घेरे में घिर गई है रिपोर्ट के मुताबिक, चारा घोटाले की तरह यहां भी बाइक और टेंपो पर अनाज ढोया गया है. नियमों को ताक पर रखकर गड़बड़ी को अंजाम दिया गया.रिपोर्ट के मुताबिक, एफ़सीआई गोदाम से राशन वितरण केंद्रों पर 1589 क्विंटल राशन की ढुलाई के लिए आठ ऐसी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया, जिनका रजिस्ट्रेशन नंबर बस, टेंपो और स्कूटर-बाइक का था.


इसके साथ ही कई प्राइवेट गाड़ियों और दूसरे डिपार्टमेंट की गाड़ियों के नंबर दिए गए थे हालांकि संबंधित विभाग का कहना है कि ये सिर्फ टाइपिंग की गलती की वजह से हुआ है। सूत्रों के मुताबिक आप (AAP ) सरकार मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश कर सकती है। एक अनुमान के मुताबिक CAG रिपोर्ट में अब तक 50 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आए हैं जहां नियमों को ताक पर रखकर गड़बड़ी को अंजाम दिया गया। घोटाले का खुलासा होने के बाद केजरीवाल सरकार ने एलजी पर आरोप लगा दिया है और कहा है कि राशन की होम डिलीविरी को मंज़ूरी मिल जाती तो ऐसा हाल नहीं होता।


वित्त वर्ष 2016-17 में दिल्ली की सत्तासीन केजरीवाल सरकार की ओर से किए गए ऑडिट रिपोर्ट पर भी कैग ने प्रश्न चिन्ह लगाया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान राशन वितरण केंद्रों पर 1589 क्विंटल माल की ढुलाई के लिए 9 ऐसी गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया है, जिनका रजिस्ट्रेशन नंबर या तो मोटर साइकिल का था या फिर स्कूटर का.

CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार राशन की ढुलाई के लिए वित्त वर्ष 2016-17 में कुल 207 गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया है. ऑडिट के दौरान यह बात सामने आई है कि इनमें से 42 गाड़ियां दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग में रजिस्टर्ड ही नहीं थी. इसके साथ ही 10 गाड़ियां अन्य विभागों के नाम पर थी.

8 गाड़ियां ऐसी थी जिनका रजिस्ट्रेशन किसी बस, स्कूटर या फिर बाइक के नाम पर था. रिपोर्ट के मुताबिक एक साल करीब 1589 क्विंटल माल एफसीआई के गोदामों से फेयर प्राइस शॉप तक पहुंचाया गया है, जो इन गाड़ियों में पहुंचाना लगभग असंभव है. जो इस बात को दर्शाता है कि दिल्ली में राशन घोटाला हुआ है.

उप राज्यपाल पर लगाए आरोप

सार्वजनिक वितरण प्रणाली की खामियां उजागर करने वाली कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल ने यहां लोगों के घरों तक राशन की आपूर्ति के आप सरकार के प्रस्ताव को खारिज करने को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल पर हमला बोला और उन पर दिल्ली में राशन माफिया को बचाने का आरोप लगाया.


CAG की रिपोर्ट आने के बाद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. दिल्ली विधानसभा में कैग की रिपोर्ट पेश करने के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी नगर निगम की सड़कों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी रिपोर्ट के निष्कर्ष को लेकर बैजल और नौकरशाहों पर हमला किया. 


 PHOTO  CREDIT -The Financial Express

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