सीबीएसई पेपर लीक के कौन कौन थे मास्टरमाइंड ,और कैसे लीक हुआ पेपर जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

ऋषभ और रोहित ने इकोनॉमिक्स का पेपर समय से पहले खोलकर तौकीर को भेजा जो बवाना में टीचर हैं. तौकीर ने इकोनॉमिक्स का फोटो क्लिक करके अपने बच्चों को जिन्हें ट्यूशन पढ़ाता है भेजा था जिसके बाद पेपर व्हाट्सअप ग्रुप पे वायरल हुआ |

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम दिल्ली Last updated: 01 April 2018 | 13:40:00

सीबीएसई पेपर लीक के कौन कौन थे मास्टरमाइंड ,और कैसे लीक हुआ पेपर  जानने के लिए पढ़े पूरी खबर

सीबीएसई पेपर लीक मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बाहरी दिल्ली से एक कोचिंग सेंटर के मालिक और दो स्कूल टीचर को गिरफ्तार किया है. इनपर आरोप है कि स्कूल के छात्रों को अच्छे नंबर दिलवाने के लिए पेपर लीक किये. गिरफ्तारी सिर्फ इकनॉमिक्स (अर्थशास्त्र) पेपर को लेकर हुई है.

12वीं के इकोनॉमिक्स का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले डेढ़ घंटे पहले लीक किया गया था. पेपर 9.45 बजे शुरू होना था और इन लोगों ने 8.15 मिनट पर पेपर लीक कर दिया. दोनों अध्यापकों ने पेपर की फोटो खींच तौकीर को भेजे थे. वो छात्रों से 2 से 5 हजार रुपये में सौदा करता था और उसका आधा हिस्सा इन दोनों अध्यापकों को देता था. तौकीर बवाना में ही कोचिंग सेंटर चलाता है.

हालांकि अभी तक ये पता नहीं पता चल पाया है कि गणित का पेपर किसने लीक किया था. मैथ्स के पेपर का अभी कोई रोल नहीं आया है उसके लिए पूछताछ जारी है.

दिल्ली पुलिस को गूगल से जवाब मिल गया है. इससे उस ईमेल आईडी की पहचान हुई, जिससे सीबीएसई अध्यक्ष को 10 वीं कक्षा के गणित के पेपर लीक होने के बारे में एक मेल भेजा गया था. दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारी ने बताया कि कक्षा 10 वीं के एक छात्र को गणित का पेपर व्हाट्सएप पर मिला था और उसने सीबीएसई अध्यक्ष को मेल भेजने के लिए अपने पिता के ईमेल आईडी का इस्तेमाल किया.

सीबीएसई पेपर लीक मामले में 60 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है जिसमें 53 छात्र शामिल हैं लेकिन मामले में कोई `बड़ी सफलता` हासिल नहीं हुई. पुलिस पेपर लीक के सिलसिले में छह व्हाट्सएप ग्रुप की भी जांच कर रही है.

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