बर्फ पर निर्वाचन आयोग की अग्निपरीक्षा, कई मतदान केंद्र बर्फ से ढके

मंडी, हंसराज सैनी। हिमाचल के मंडी संसदीय क्षेत्र के तीन जनजातीय हलकों भरमौर, किन्नौर व लाहुल-स्पीति में मतदान कराना चुनाव आयोग के लिए अग्निपरीक्षा बन गया है।

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम शिमला Last updated: 06 May 2019 | 13:02:00

बर्फ पर निर्वाचन आयोग की अग्निपरीक्षा, कई मतदान केंद्र बर्फ से ढके

मंडी, हंसराज सैनी। हिमाचल के मंडी संसदीय क्षेत्र के तीन जनजातीय हलकों भरमौर, किन्नौर व लाहुल-स्पीति में मतदान कराना चुनाव आयोग के लिए अग्निपरीक्षा बन गया है। सर्दियों में हुई बर्फबारी से लाहुल-स्पीति व पांगी के कई मार्ग अब भी बंद हैं। कई मतदान केंद्र बर्फ से ढके हैं। लाहुल-स्पीति को जोड़ने वाला रोहतांग दर्रा 15 मई तक बहाल हो सकता है। दर्रे के दोनों तरफ अब भी करीब 25 किलोमीटर मार्ग बर्फ से दबा हुआ है। मार्ग पर 10 से 15 फुट बर्फ है। बीआरओ की मशनरी दिन-रात एक कर बर्फ हटाने में लगी हुई है, लेकिन खराब मौसम व ताजा बर्फबारी मार्ग बहाली की राह में रोड़ा बन रही है। लाहुल-स्पीति में 92 मतदान केंद्र हैं। यहां 23897 मतदाता हैं। शीत मरुस्थल लाहुल-स्पीति के 60 फीसद से अधिक लोग नवंबर में मनाली व अन्य क्षेत्रों की ओर पलायन कर लेते हैं। 

 मार्च के बाद लोग जान जोखिम में डालकर दर्रा पारकर घर लौटना शुरू करते हैं। अब तक करीब 2000 लोगों की घर वापसी हुई है। लाहुल-स्पीति साल भर सड़क सुविधा से जुड़ी रहे इसके लिए सुरंग भी लगभग बन चुकी है। तीन बार लोगों को सुरंग से लाहुल भेजा जा चुका है। लेकिन अभी तक अधिकांश लोग दर्रा बहाल होने की राह निहार रहे हैं। चुनाव सामग्री मतदान केंद्रों व जिला मुख्यालय तक पहुंचना चुनौती बन गई है। सरकार का हेलीकॉप्टर खराब है। ऐसे में चुनाव सामग्री व वोटर कैसे लाहुल पहुंचेंगे। 

 

चुनाव आयोग के साथ नेताओं को भी यह चिंता सताने लगी हुई है। दुनिया का सबसे ऊंचा मतदान केंद्र लाहुल स्पीति जिले का टशीगंग अब भी बर्फ से ढका है। टशीगंग 15,256 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। इस मतदान केंद्र से चीन सीमा महज 10 किलोमीटर दूर है। भरमौर हलके के पांगी क्षेत्र में अधिकांश मार्ग बड़े वाहनों के लिए नहीं खुल पाए हैं। इससे आवाजाही में दिक्कत आ रही है। किन्नौर में भी ताजा बर्फबारी प्रशासन को डरा रही है। मंडी संसदीय क्षेत्र में 17 उम्मीदवारों के चुनाव मैदान में होने से अब हर मतदान केंद्र पर दो-दो बैलेट यूनिट लगेंगे। अब करीब 2500 ईवीएम गुजरात से मंगवाई जा रही है। संसदीय क्षेत्र के इतिहास में पहली बार दो-दो बैलेट यूनिट लगेंगे। जन जातीय क्षेत्रों में बैलेट यूनिट व अन्य सामग्री पहुंचाना पहाड़ जैसी चुनौती बन गया है। 

 

 

credit by: jagran

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