सालो इंतजार करने के बाद सेना को मिलने जा रही बुलेट प्रूफ जैकेट

नए बुलेट प्रूफ जैकेट्स का निर्माण रक्षा उपकरण मैन्युफैक्चरर एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड करेगी, जिसके सैंपल टीबीआरएल चंडीगढ़ में ट्रायल के दौरान सही पाए गए हैं. एसएमपीपी ने दो टॉप बुलेट प्रूफ मैन्युफैक्चर्स को पछाड़ा है.

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम डेस्क Last updated: 10 April 2018 | 13:16:00

सालो इंतजार करने के बाद सेना को मिलने जा रही बुलेट प्रूफ जैकेट

रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को 9 साल पहले किए गए अनुरोध के बाद 639 करोड़ रुपये की लागत से 1.86 लाख बुलेटप्रुफ जैकेटों की खरीद के लिए एक रक्षा कंपनी के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किया. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि अनुबंध को `सफल` फील्ड परीक्षणों के बाद अंतिम रूप दिया गया. अनुबंध स्वदेशी रक्षा उत्पादक एसएमपीपी प्राइवेट लिमिटेड ने हासिल किया है.


इस सौदे को मोदी सरकार की मेक इन इंडिया योजना के तहत किया गया है। इस सौदे को घरेलू उद्योगों को बढावा दिए जाने की दिशा में बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। 

सरकार ने इस बात को स्वीकार किया कि साल 2009 में ही सेना को 1.86 लाख बुलेटप्रुफ जैकेटों की जरूरत थी, लेकिन ये पूरा नहीं हो सका। जैकेट के लिए कई बार कोशिश की गई लेकिन सेना द्वारा कराए गए ट्रायल में किसी भी कंपनी का बुलेट प्रूफ जैकेट पैमाने पर खरा नहीं उतरा, जिसके चलते जैकेट नहीं खरीदे जा सके। नई जैकेट पूरी तरह से अत्याधुनिक हैं और जवानों के शरीर को ज्यादा से ज्यादा कवर प्रदान करेगी।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नए बुलेटप्रूफ जैकेटों से सैनिकों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। बयान में कहा गया है कि यह जैकेट्स सरकार के मेक इन इंडिया अभियान को ताकत देंगे और साथ में भारतीय उद्योग में यह आत्मविश्वास भी जगाएंगे कि वह सुरक्षा बलों की जरूरतों की पूर्ति में सक्षम है। फिलहाल सेना के पास जो बुलेटप्रूफ जैकेट हैं उनकी समयसीमा खत्म होने वाली है

  photo credit -Awesome India

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