कर्नाटक: यदुरप्पा ने शिकारीपुरा से भरा पर्चा , दो लिंगायतों के बीच कॉंग्रेस ने खेला कुरुबा कार्ड

शिवमोगा की शिकारीपुरा विधानसभा सीट से येदियुरप्पा के खिलाफ कांग्रेस ने निगम सदस्य जीबी मालतेश को मैदान में उतारा है. माना जा रहा था कि येदियुरप्पा के सामने पार्टी किसी बड़े चेहरे पर दांव लगाएगी, लेकिन पार्टी ने कुरुबा समुदाय पर दांव लगाया है

, इंडिया कोर न्यूज़ टीम डेस्क Last updated: 19 April 2018 | 18:49:00

कर्नाटक: यदुरप्पा ने शिकारीपुरा से भरा पर्चा , दो लिंगायतों के बीच कॉंग्रेस ने खेला कुरुबा कार्ड

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार बीएस येदियुरप्पा ने शिवमोगा की शिकारीपुरा विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है. येदियुरप्पा ने नामांकन भरने से पहले शिकारीपुरा के एक मंदिर में दर्शन भी किए. उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार भी मौजूद रहे.


कांग्रेस ने लगाया कुरुबा समुदाय पर दांव

शिवमोगा की शिकारीपुरा विधानसभा सीट से येदियुरप्पा के खिलाफ कांग्रेस ने निगम सदस्य जीबी मालतेश को मैदान में उतारा है. माना जा रहा था कि येदियुरप्पा के सामने पार्टी किसी बड़े चेहरे पर दांव लगाएगी, लेकिन पार्टी ने कुरुबा समुदाय पर दांव लगाया है. कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि येदियुरप्पा के सामने पार्टी किसी मजबूत लिंगायत नेता को उतारेगी.  



 

कांग्रेस की तुलना में जेडीएस ने उतारा मजबूत उम्मीदवार
इस सीट से पूर्व विधायक महालिंगप्पा टिकट के मजबूत दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन पार्टी ने बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ मालतेश को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. येदियुरप्पा के खिलाफ कांग्रेस की तुलना में जेडीएस ने मजबूत लिंगायत समुदाय के उम्मीदवार एचटी बालिगर को उतारा है. बालिगर शिकारपुरा सीट जीतने के पूरी ताकत से जुट गए हैं.


बीजेपी को 150 सीट से ज्यादा सीटें मिलेंगी- येद्दयुरप्पा


एबीपी न्यूज़ से खास बातचीत में उन्होंने कहा है कि वह येदयुरप्पा को हराएंगे. बालिगर ने कहा कि जनता ने यहां अभीतक विकास नहीं देखा है. उधर बीजेपी के सीएम उम्मीदवार येद्दयुरप्पा अपनी जीत का भरोसा जता रहे हैं. उन्होंने कहा है कि इस बार बीजेपी को 150 सीट से ज्यादा सीटें मिलेंगी.


बता दें कि महालिंगप्पा ने 1999 में कांग्रेस के टिकट से लड़कर येदियुरप्पा को हराया था. कांग्रेस के दूसरे दावेदारों में शांतावीरप्पा गौड़ा का नाम भी था. शांतावीरप्पा गौड़ा येदियुरप्पा के बेटे राघवेन्द्र से साल 2014 उपचुनावों में करीब छह हजार वोटों से हार गए थे, लेकिन पिछले दिनों उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया.


क्या कांग्रेस ने येदियुरप्पा के लिए चुनाव बना दिया आसान?


कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने शिकारीपुरा सीट से मालतेश को उतारकर येदियुरप्पा के लिए ये चुनाव बेहद आसान बना दिया है. मालतेश लिंगायत समुदाय से भी नहीं आते हैं और वह कुरुबा भी हैं. इसके चलते येदियुरप्पा के सामने पिछड़ी जातियों और एससी, एसटी वोटों को साधना मुश्किल होगा, लेकिन यहां जेडीएस ने मजबूत दांव खेला है. येदियुरप्पा के बेटे राघवेंद्र भी अपने पिता को चुनाव जिताने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. हालांकि दो लिंगायत के बीच कांग्रेस का कुरुबा कार्ड कितना सफल होगा, ये देखना दिलचस्प होगा.   




 news courtesy - abp live in 

Write Your Own Review

Customer Reviews

सबसे तेज़

अन्य खबरे