महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान के झुंझुनूं पहुचे उनके साथ फ़िल्म अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा भी रहेंगी मौजूद

इस मौके पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, एक्ट्रेस प्रियंका चौपड़ा और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी मौजूद रहेंगी। बताया जा रहा है कि साल के आखिरी में यहां होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए इन योजनाओं को राजस्थान से लॉन्च किया जा रहा है।

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम राजस्थान Last updated: 08 March 2018 | 11:19:00

महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजस्थान पहुचे


अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान के झुंझनू में रैली को संबोधित किया बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना आज से पूरे देश में लागू किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान के झूंझनू जिले से इसका एलान करेंगे। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के शुरू होने के तीन साल पूरे होने के मौके पर इस समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर पीएम मोदी नेशनल न्यूट्रिशियन मिशन की भी शुरूआत करेंगे।

 इस मौके पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, एक्ट्रेस प्रियंका चौपड़ा और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी मौजूद रहेंगी।। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ मुहिम के तीन साल पूरा होने का जश्न मनाने के लिए झूंझनू को इसलिए चुना गया है क्योंकि सेक्स रेश्यो के मुद्दे पर सबसे ज्यादा सुधार किया है।

झूंझनू उन 161 जिलों में शामिल है जहां बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ स्कीम लागू है। 2011 की जनगणना में झूंझनू में 1000 लड़कों के मुकाबले 837 लड़कियां थी लेकिन अभियान के बाद यहां फासला कम रह गया है। झूंझनूं में अब 1000 लड़कों के मुकाबले 955 लड़कियां हैं यानि 118 अंकों का उछाल। पीएम मोदी उन दस जिलों को भी सम्मानित करेंगे जहां सेक्स रेश्यों में सबसे ज्यादा सुधार हुआ है।   

 महिला शिक्षा में झुंझुनूं देश के चुनिंदा जिलों में शुमार है। यहां 74 फीसदी महिलाएं साक्षर हैं। 

  •  सैन्य बहुल जिला होने के कारण झुंझुनूं में सबसे ज्यादा वीरांगनाएं हैं जो पति के देश सेवा में जाने के बाद घर परिवार और समाजकी जिम्मेदारियों को बखूबी उठा रही हैं। बच्चों को पढ़ा कर सेना में भेजने की हिम्मत दिखाई। 
     
  •  झुंझुनूं जिले की महिलाएं नर्सिंग और मेडिकल फील्ड में सबसे ज्यादा हैं। प्रदेश में जिले की महिलाएं चिकित्सा सेवा में परचम लहरा  रही हैं। 
     
  •  कोख में बेटियों का कत्ल रोकने की मुहिम में झुंझुनूं की बेटियां आगे आई हैं। अब तक हुए 106 डिकॉय ऑपरेशन में 16 में जिले की महिलाओं ने कोख में बेटी मारने वालों को पकड़वाने में अपनी भूमिका निभाई। 
     
  •  झुंझुनूं को दो बार नारी सशक्तिकरण पुरस्कार मिले हैं। 21 दिसंबर 2014 को 2.35 लाख लोगों ने यहां पर बेटी बचाने की शपथ ली  थी। 



     photo credit - Amar Ujala
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