2 साल की मासूम को गर्म सलाखों से दागा, पूरी खबर पढ़कर सिहर उठेंगे आप!

भीलवाड़ा: अंधविश्वास में लोग न जाने क्या-क्या कर जाते है जिसका अंजाम मासूमों को भुगतना पड़ता है. हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है. जिसने लोगों को एक बार फिर इन सब चीजों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है.

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम लखनऊ Last updated: 12 April 2019 | 11:47:00

2 साल की मासूम को गर्म सलाखों से दागा, पूरी खबर पढ़कर सिहर उठेंगे आप!

भीलवाड़ा: अंधविश्वास में लोग न जाने क्या-क्या कर जाते है जिसका अंजाम मासूमों को भुगतना पड़ता है. हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है. जिसने लोगों को एक बार फिर इन सब चीजों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है. जानकारी के मुताबिक भीलवाड़ा में एक दादा ने अपनी ही 2 साल की पोती को गर्म सलाखों से दाग दिया. जिसके चलते बच्ची की हालत काफी बिगड़ गई, जिसके बाद उसे शहर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया है.

बता दें कि, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ जिले में निमोनिया के इलाज के नाम पर अंधविश्वास के चलते बच्चों को दागने का सिलसिला काफी पुराना है. परिजनों पर हावी अंधविश्वास के चलते यह सिलसिला खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. गंगरार क्षेत्र के मोती बुकन का खेड़ा निवासी बच्ची के पिता किशन गुर्जर का कहना है कि मेरी बेटी लक्ष्मी को 10 दिन पहले निमोनिया हो गया था. इसलिए उसके दादा गांव में ही लोकदेवता के पूजा करने वाले बाबा के पास लेकर गए, जिन्होंने बच्ची को लोहे के सलाखों से दागने के लिए कहा. इसके बाद उसने बच्ची को गर्म सलाखों से दाग दिया. इस पर बच्ची की हालत में सुधार होने के बजाय बिगड़ गई जिसके बाद बच्ची को भीलवाड़ा के एमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष डॉ. सुमन त्रिवेदी ने बताया कि बच्ची को निमोनिया के चलते गर्म सलाखों से दागा गया है. ये पहली बार नहीं जब अंधविश्वासों में रहकर लोगों ने इस तरह का काम किया है इससे पहले भी ऐसा कई बार हो चूका है अभी भी ये सिलसिला जारी है. हालांकि, अब बच्ची की हालात में सुधार है और उसका ईलाज जारी है. हालांकि, मासूम के माता पिता द्वारा इस मामले में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं कराई गई है.

 

 

credit by: zee news

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