बीजेपी दलित संसद ने लगाए गंभीर आरोप , कहा मोदी सरकार ने 4 साल में कुछ नहीं किया

डॉ. यशवंत सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखते हुए आरक्षण को जीवन दायिनी हवा बताया. उन्होंने कहा इसके बिना भारत में दलित समाज और पिछड़े वर्ग का कोई अस्तित्व नहीं रह जाएगा. सांसद ने लिखा

इण्डिया, कोर न्यूज़ टीम लखनऊ Last updated: 07 April 2018 | 12:04:00

बीजेपी दलित संसद ने लगाए गंभीर आरोप , कहा मोदी सरकार ने 4 साल में कुछ  नहीं किया

उत्तर प्रदेश में एक तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ भारत बंद के दौरान पुलिस द्वारा बिना भेदभाव के कार्रवाई की बात कह रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ यूपी में बीजेपी नेतृत्व के खिलाफ दलित सांसदों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है. अनुसूचित जाति-जनजाति एक्ट में बदलाव को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक और दलित नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने पीएम पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार में पिछले चार साल में दलितों के लिए एक भी काम नहीं हुआ. इस चिट्ठी में दलित नेता ने पीएम मोदी से एससी/एसटी एक्ट में कोर्ट के फैसले के खिलाफ पैरवी करने और दलित समाज के हितों को विशेष ध्यान रखते हुए बिल पास कराने की मांग भी की है.

 

लेटर में यशवंत सिंह ने लिखा कि वह जाटव समाज के सांसद हैं. यशवंत सिंह ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी ओर से 4 साल में 30 करोड़ की आबादी वाले दलित समाज के लिए प्रत्यक्ष रूप से कुछ भी नहीं किया गया. बैकलॉग पूरा करना, प्रमोशन में आरक्षण बिल पास करना, प्राइवेट नौकरियों में आरक्षण दिलाना आदि मांगें नहीं पूरी की गई.

उत्तर प्रदेश के नगीना से सांसद डॉ. यशवंत सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखते हुए आरक्षण को जीवन दायिनी हवा बताया. उन्होंने कहा इसके बिना भारत में दलित समाज और पिछड़े वर्ग का कोई अस्तित्व नहीं रह जाएगा. सांसद ने लिखा, मैं दलित समाज के जाटव समाज का एक सांसद हूं. आरक्षण के कारण ही मैं सांसद बन पाया हूं... जब मैं चुनकर आया था उसी समय मैंने स्वयं आपसे मिलकर प्रमोशन में आरक्षण हेतु बिल पास करवाने का अनुरोध किया था

बता दें कि इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रवैये के खिलाफ दलित सांसद छोटेलाल खरवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपना दर्द बयान किया था. खरवार की चिट्ठी में यूपी प्रशासन द्वारा उनके घर पर जबरन कब्जा और उसे जंगल की मान्यता देने की शिकायत की गई है.

वहीं बीजेपी सांसद सावित्री बाई फुले ने अपनी ही सरकार के खिलाफ राजधानी लखनऊ स्थित कांशीराम स्मृति उपवन में `भारतीय संविधान और आरक्षण बचाओ महारैली का आयोजन` किया. इस दौरान उन्होंने कहा था कि आरक्षण कोई भीख नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व का मामला है. अगर आरक्षण को खत्म करने का दुस्साहस किया गया तो भारत की धरती पर खून की नदियां बहेंगी.

 

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