ब्लैकमेलिंग में लगी थी पूरी चौकी, एसएसपी वैभव कृष्ण ने 15 लोगों को किया गिरफ्तार

नोएडा, जेएनएन। फरीदाबाद के रहने वाले सतीश उर्फ अंकित के आइडिया पर ब्लैकमेलिंग में सेक्टर 44 स्थित पूरी पुलिस चौकी जुट गई थी।

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम लखनऊ Last updated: 12 June 2019 | 11:09:00

ब्लैकमेलिंग में लगी थी पूरी चौकी, एसएसपी वैभव कृष्ण ने 15 लोगों को किया गिरफ्तार

नोएडा, जेएनएन। फरीदाबाद के रहने वाले सतीश उर्फ अंकित के आइडिया पर ब्लैकमेलिंग में सेक्टर 44 स्थित पूरी पुलिस चौकी जुट गई थी। दिल्ली के रहने वाले जिस व्यक्ति की शिकायत पर एसएसपी वैभव कृष्ण ने कार्रवाई कर दो कांस्टेबल को 50 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा उस व्यक्ति से पहले भी 50 हजार रुपये लिए जा चुके थे। गैंग को 50 हजार रुपये उससे और लेने थे। इसके लिए उसकी दिल्ली नंबर की होंडा सिटी कार चौकी पर खड़ी करा दी गई थी। पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर एसएसपी ने प्राथमिक जांच के बाद पहले तीन कांस्टेबल को पकड़ा व पूछताछ के बाद चौकी प्रभारी सुनील शर्मा, तीन पीसीआर प्राइवेट चालक, दो युवतियां सहित गैंग में शामिल 15 लोगों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।

ये हुए गिरफ्तार
सब इंस्पेक्टर सुनील शर्मा, निवासी मथुरा। कांस्टेबल मनोज कुमार निवासी बागपत। कांस्टेबल अजयवीर सिंह निवासी मेरठ। कांस्टेबल देवेन्द्र कुमार निवासी इटावा। पीसीआर चालक विपिन सिंह निवासी मैनपुरी। पीसीआर चालक दुर्वेश कुमार निवासी कन्नौज। पीसीआर चालक राजेश निवासी सम्भल। अनूप निवासी औरैया। सलीम खान निवासी बरेली। सतीश उर्फ अंकित फरीदाबाद हरियाणा। हरिओम शर्मा निवासी हरियाणा। सुरेश कुमार निवासी दिल्ली। देशराज निवासी दिल्ली। विनीता हरियाणा। पूजा निवासी हरियाणा। आरोपितों के पास से 50 हजार नकदी और तीन कार बरामद हुई।

 

तीन माह से चल रहा था धंधा 
सुनसान रास्ते से निकल रहे ऐसे युवक से युवती लिफ्ट मांगती थी जो कार में अकेले होता था। सेक्टर 44 चौकी क्षेत्र में जहां पीसीआर रहती थी उसके पास ही कार से वह उतर कर शोर मचाने लगती थी। इसके बाद दुष्कर्म या दुष्कर्म की कोशिश की शिकायत करती थी। साजिश के तहत पीसीआर पर सवार पुलिसकर्मी तथाकथित कार सवार आरोपित को पकड़कर चौकी लाते थे। बाद में समझौते की बात कह साजिश के शिकार हुए लोगों को पैसे लेकर छोड़ा जाता था।

वकील और चेयरमैन बनकर पहुंचते थे दो आरोपित 
चौकी प्रभारी, तीन पुलिस कांस्टेबल, तीन पीसीआर चालक, फरीदाबाद निवासी मुख्य आरोपित अंकित व तीन युवतियों के अलावा पांच अन्य लोग भी गैंग में शामिल थे। सभी का अलग-अगल काम बंटा था। आरोपित देशराज को समझौते के दौरान चेयरमैन कहकर बुलाया जाता था। उससे पहले एक आरोपित लड़की की तरफ से वकील बनकर आता था। समझौता होने से पहले वह शिकायत लिखकर देता था। उसके बाद ही पुलिसकर्मी केस दर्ज कर जेल भेजने की बात कहते थे।

 

इसके बाद नेटवर्क में शामिल लोग समझौते की बात करना शुरू कर देते थे और उसके लिए रकम मांगी जाती थी। गिरफ्तार एक आरोपित लगातार चौकी के संपर्क में था और वह कई बार पीसीआर भी घूमता था। समझौते के बाद पैसे की कमी होने पर ब्लैकमेलिंग के शिकार व्यक्ति की कार चौकी पर खड़ी करा दी जाती थी। पैसे लेकर आने के बाद कार को चौकी से छोड़ा जाता था।

चौकी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी हुए गिरफ्तार 
एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा कि सेक्टर 44 चौकी पर प्रभारी सब इंस्पेक्टर के अलावा कुल तीन कांस्टेबल तैनात थे। इस प्रकरण में चौकी पर तैनात सभी चार पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हुई है और उन्हें निलंबित किया गया है। चौकी क्षेत्र में चलने वाली पीसीआर पर तीन प्राइवेट चालक कार्यरत थे। वह तीनों भी नेटवर्क में शामिल थे। उनकी भी गिरफ्तारी हुई है।

 

कोतवाली सेक्टर 39 प्रभारी राजेश कुमार शर्मा की शिकायत पर इस प्रकरण में जबरन वसूली, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज हुई है। इसकी जांच क्षेत्राधिकारी द्वितीय पीयूष कुमार सिंह को दी गई है। एसपी सिटी सुधा सिंह विभागीय जांच करेंगी।

ठेली लगाने के दौरान चौकी प्रभारी से जुड़ा था अंकित 
गिरफ्तार मुख्य आरोपित अंकित व दोनों युवतियां इससे पहले पुलिस की संलिप्तता से ब्लैकमेलिंग के मामले में फरीदाबाद से 2014 और 2017 में जेल जा चुके हैं। एसपी सिटी सुधा ने कहा कि चौकी प्रभारी सुनील पहले विस टाउन पर तैनात था। उसी दौरान नारियल पानी की ठेली लगाने के बहाने अंकित चौकी इंचार्ज से पहली बार मिला था। आरोपित हरिओम ने उसे मिलवाया था।

 

 

 

credit by: jagran

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