देवरिया कांड: शेल्टर होम के क्लर्क का दावा, इस वजह से लगा देह व्यापार का आरोप

मां विन्ध्यवासिनी शेल्टर होम में काम करने वाले संदीप ने कहा, " शेल्टर होम की मैनेजर गिरिजा त्रिपाठी हम लोगों को हमेशा आधी सैलरी देती थी. संदीप बताते है कि मुझे हर महीने 14 हजार रुपये देने की बात कही गई थी

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम लखनऊ Last updated: 11 August 2018 | 12:02:00

देवरिया कांड: शेल्टर होम के क्लर्क का दावा, इस वजह से लगा देह व्यापार का आरोप

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में मां विन्ध्यवासिनी शेल्टर होम में बच्चियों के साथ देह व्यपार कराने का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था. देवरिया शेल्टर होम में साल 2010 से क्लर्क के पद पर काम करने वाले संदीप ने न्यूज़18 से बातचीत में कई अहम खुलासे किए है. संदीप ने दावा किया कि संस्था में कोई गलत काम नहीं होता था. फिलहाल इस मामले की गंभीरता को देखते हुए योगी सरकार ने आनन-फानन में एसआईटी गठन करके जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है.

मां विन्ध्यवासिनी शेल्टर होम में काम करने वाले संदीप ने कहा, " शेल्टर होम की मैनेजर गिरिजा त्रिपाठी हम लोगों को हमेशा आधी सैलरी देती थी. संदीप बताते है कि मुझे हर महीने 14 हजार रुपये देने की बात कही गई थी, लेकिन मुझे 7 हजार रुपये दिए जाते थे, वो भी 3-4 महीने में एक बार. शेल्टर होम के हर गतिविधियों को बहुत नजदीक से नजर रखने वाले इस कर्मचारी ने दावा किया कि जिला प्रशासन के द्वारा लायी गई लड़कियों को ही यहां रखा जाता था. बच्चियों के द्वारा सेक्स रैकेट चलाने का आरोप लगाने के सवाल पर संदीप ने कहा कि सारे आरोप बेबुनियाद है.

पढ़ें: देवरिया कांड: संचालिका की बेटी को पुलिस ने हिरासत में लिया, पूछताछ जारी

संदीप ने बताया कि यह वे लड़कियां है जो घर से अपने प्रेमी के साथ भागकर आई थी. जब शेल्टर होम में उनके प्रेमी से मिलने नहीं दिया जाता था. तो यह लड़कियां इसका विरोध करती थी. इसलिए इन लोगों ने मिलकर शेल्टर होम के खिलाफ साजिश रचते हुए देह व्यापार करवाने का आरोप लगाया है. देवरिया पुलिस पर बोलते हुए संदीप ने कहा कि शेल्टर होम में जिला प्रशासन के अधिकारी आते जाते थे. लेकिन वो शेल्टर होम की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी से मुलाकात करके वापस लौट जाते थे.


शेल्टर होम में लग्जरी गाड़ियों के आने के सवाल पर संदीप ने खुलासा किया कि बगर में होटल ट्यूलिप है. जहां जिला प्रशासन के अधिकारी बैठक करते है. उस दौरान अधिकारियों की गाड़ियों की आती जाती है. लेकिन शेल्टर होम में कोई लग्जरी नहीं आती थी.

पढ़ें: प्रशासन को नहीं मालूम देवरिया शेल्टर होम से गायब 20 लड़कियों की डिटेल

बता दें कि देवरिया शेल्टर होम की एक पीड़िता ने न्यूज18 से बातचीत में खुलासा किया था कि शेल्टर होम के पीछे वाली गली में चार पहिया गाड़ी शाम को 4 बजे आकर रुकती थी. उसके बाद उसमें संरक्षण गृह की बड़ी दो लड़कियों को भेजा जाता था. उनके साथ छोटी बच्चियां भी भेजी जाती थी. सभी लोग सुबह 6 बजे के करीब वापस लौटते थे. सुबह उनके हाथों 500 से 1500 रुपए तक दिए जाते थे.

पढ़ें: देवरिया कांड: सभी लड़कियों का कराया गया मेडिकल, आज हो सकते हैं नए खुलासे

उधर, देवरिया पुलिस मां विंध्यवासिनी बालिका संरक्षण गृह मामले में मुख्य आरोपी संचालिका गिरिजा त्रिपाठी के गोरखपुर स्थित वृद्धाश्रम को पुलिस ने सील कर दिया है. वहीं पुलिस ने आरोपी की पुत्री कंचन लता त्रिपाठी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.

 

 

 

 

credit by network 18 

Write Your Own Review

Customer Reviews

सबसे तेज़

अन्य खबरे