उत्तर प्रदेश राजनीती में बड़ा धमाका सपा और बसपा के 28 असंतुष्ट नेता किसी भी वक्त बीजेपी में हो सकते हैं शामिल

वर्तमान में बीजेपी गठबंधन के पास कुल 324 विधायक हैं. सपा, बसपा और कांग्रेस के अलावा अगर सभी छोटी पार्टियां अगर बीजेपी का समर्थन करती है तो यह आंकड़ा 331 तक पहुंच जाएगा. जीत के लिए किसी भी प्रत्याशी को 31 विधायकों के वोट की जरूरत होगी.

इण्डिया, कोर न्यूज़ टीम लखनऊ Last updated: 09 April 2018 | 17:16:00

 सपा और बसपा के 28 असंतुष्ट नेता किसी भी वक्त बीजेपी में हो सकते हैं शामिल

लखनऊ: विधान परिषद चुनाव से पहले ऐसी खबर है कि सपा और बसपा के करीब 28 असंतुष्ट नेता किसी भी वक्त बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. इन असंतुष्ट नेताओं में दोनों पार्टियों के पूर्व तीन सासंदों का नाम भी सामने आ रहा है. राजनीतिक गलियारे में ऐसी खबर है कि बसपा के पूर्व सांसद अशोक रावत, जय प्रकाश रावत, बंकी नगर पंचायत के चेयरमैन अंशु सिंह और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता संजीव मिश्रा किसी भी वक्त बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. सपा और बसपा के 28 असंतुष्ट नेताओं में कई वर्तमान विधायक भी बताए जा रहे हैं. अगर ऐसा होता है तो इसका तुरंत असर विधान परिषद चुनाव पर देखने को मिलेगा. बता दें, विधान परिषद की 13 सीटों के लिए सोमवार (9 अप्रैल) से नामांकन शुरू हो गया है. नामांकन भरने की आखिरी तारीख 16 अप्रैल है. इस चुनाव के लिए 26 अप्रैल को मतदान किया जाएगा.

सपा के सात समेत 12 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है

5 मई को 12 विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल पूरा होने वाला है, जबकि एक सीट पहले से खाली है. 12 में से समाजवादी के 7 सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है. इन 7 सदस्यों में खुद अखिलेश यादव और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम शामिल हैं. इनके अलावा बहुजन समाज पार्टी के विजय प्रताप सिंह और सुनील कुमार चित्तौड़ का कार्यकाल पूरा हो रहा है. बीजेपी के दो मोहसिन रजा और महेंद्र कुमार का भी कार्यकाल पूरा हो रहा है.

बीजेपी गठबंधन के पास 324 विधायक

वर्तमान में बीजेपी गठबंधन के पास कुल 324 विधायक हैं. सपा, बसपा और कांग्रेस के अलावा अगर सभी छोटी पार्टियां अगर बीजेपी का समर्थन करती है तो यह आंकड़ा 331 तक पहुंच जाएगा. जीत के लिए किसी भी प्रत्याशी को 31 विधायकों के वोट की जरूरत होगी. ऐसे में बीजेपी के 10 सदस्यों का चुना जाना तो तय है. इसके बावजूद बीजेपी के पास 21 वोट होंगे. एक और सीट पर जीत के लिए बीजेपी को केवल 10 और वोटों की जरूरत होगी.

विधान परिषद चुनाव में 11वीं सीट के लिए लड़ाई

ऐसे में जो कयास लगाए जा रहे हैं उसके मुताबिक बीजेपी के लिए 11वीं सीट को अपने पाले में करना बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं दिख रहा है. ऐसी खबर है कि विधान परिषद चुनाव में बीजेपी 11 उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगी. 11 चेहरे में से चार की तस्वीर पहले से साफ है. दो चेहरे वर्तमान मंत्री मोहसिन रजा और महेंद्र सिंह हैं. ये दोनों विधान परिषद के ही सदस्य हैं. जानकारी के मुताबिक इस चुनाव में बीजेपी सहयोगी दलों के प्रत्याशियों को मौका देगी. सुभासपा (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी) के अध्यक्ष और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बगावती सुर को शांत करने के लिए उनके बेटे को टिकट मिल सकती है.

राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने नौंवी सीट पर भी कब्जा किया था

इससे पहले, लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद राज्यसभा चुनाव में बीजेपी ने बाजी पलटते हुए सपा नेताओं को अपने पाले में कर बसपा के प्रत्याशी आंबेडकर को हरा दिया था. चुनाव से ठीक पहले समाजवार्दी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर बीजेपी में शामिल हो गए थे. टिकट काट दिए जाने पर उन्होंने खुलकर अपना दुख जाहिर किया था. हालांकि, अपने बयान से उन्होंने बीजेपी को मुश्किल में डाल दिया था. समाजवादी पार्टी छोड़ने की वजह को लेकर उन्होंने कहा कि फिल्म में नाचने वाली को टिकट दिया गया, जबकि राजनीति करने वाले नेताओं के टिकट काट दिए गए. बीजेपी में शामिल होते ही उन्होंने कहा था कि मेरा बेटा नितिन अग्रवाल, राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के लिए वोट करेगा, और ऐसा हुआ भी था. विधान परिषद चुनाव के क्या नतीजे होते हैं इसके लिए तो इंतजार करना होगा, लेकिन किसी भी सूरत में समावार्दी पार्टी को 6 सीटों का नुकसान हो रहा है, क्योंकि जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें से सपा के 7 सदस्य हैं साथ ही बसपा के भी दो सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है.

न्यूज़ क्रेडिट ज़ी न्यूज़

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