दाणेश्वर महादेव गुफा में मौजूद शिवलिंग अद्भुत था...

उन निशानियों को लोग शिव परिवार से जोड़कर देखते हैं. गुफा में यहां पर गणेश जी का परिवार है. यहां पर शिव-पार्वती और कार्तिकेय भी हैं. लोगों ने यहां इन देवताओं की पूजा की है. टीम को ऐसी आकृतियां हर गुफा में दिखाई दे रही थीं.

इंडिया, कोर न्यूज़ टीम दिल्ली Last updated: 11 August 2018 | 13:09:00

दाणेश्वर महादेव गुफा में मौजूद शिवलिंग अद्भुत था...

दाणेश्वर महादेव गुफा के रहस्यों पर से जल्द ही पर्दा उठने वाला है, लेकिन टीम को यह नहीं पता था कि वो जल्द ही मुसीबतों के जाल में फंसने वाले हैं. टीम अभी भताड़ी गांव पहुंची है. यहां से सुतार गांव 5 किमी की दूरी पर है, लेकिन गांववालों से बात करने के बाद पता चला कि इससे आगे का सफर पैदल ही करना पड़ेगा. मंजिल दूर है और अब वहां पैदल जाना यानी मुश्किलों का सामना करना. खैर टीम हर तरह की चुनौतियों के लिए तैयार है. कहते हैं उस गुफा को गांववालों ने 4 साल पहले ही पहाड़ों में खोजा, लेकिन उसका जिक्र स्कंदपुराण के मानसखंड में बहुत पहले से मिलता आ रहा है.

ये बात सुनने में अजीब लगती है लेकिन गांववाले के मुताबिक यही हकीकत है. अब ये हकीकत है या फसाना, यह तो टीम को वहां पहुंचकर ही पता चलेगा. पहाड़ों के टेढ़े-मेढ़े रास्ते से होते हुए टीम सुतार गांव पहुंची. सुबह बारिश हुई है और बारिश के बाद पहाड़ों की पगडंडी बेहद खराब हो जाती है लेकिन इस पर चलने का अनुभव भी जरूरी है. स्थानीय निवासियों को इन पगडंडियों पर चलने का अनुभव है.

टीम स्थानीय लोगों की मदद से उस गुफा तक पहुंचेगी और उसका राज जानने का प्रयास करेगी. थोड़ी जद्दोजहद के बाद टीम दाणेश्वर महादेव गुफा के सामने खड़े थी. टीम ने गुफा में प्रवेश किया. 9 मंजिल वाली ये गुफा पूरी तरह से अंधेरे में डूबी हुई है. अंदर टार्च की रोशनी में पहले ही तल पर एक शिवलिंग नजर आया. शिवलिंग के पास इस धाम के पुजारी बैठे थे. ये नौ मंजिल की गुफा है. टीम अभी प्रथम तल पर ही है. यह नैचुरल शिवलिंग है. ये पूरा पहाड़ है और ये शिवलिंग भी पूरी तरह से प्राकृतिक है. केवल नीचे के हिस्से को बनाया है. इसे देखने के बाद टीम के सदस्यों की निगाहें उन निशानियों को तलाशने लगीं, जिन्हें खोजने के लिए टीम ने इतनी दूर का सफर किया था.

उन निशानियों को लोग शिव परिवार से जोड़कर देखते हैं. गुफा में यहां पर गणेश जी का परिवार है. यहां पर शिव-पार्वती और कार्तिकेय भी हैं. लोगों ने यहां इन देवताओं की पूजा की है. टीम को ऐसी आकृतियां हर गुफा में दिखाई दे रही थीं. जिन्हें लोग देवताओं से जोड़ कर देखते हैं लेकिन टीम को तो इससे भी बड़ी निशानी देखनी थी. जिसकी तलाश में टीम के सदस्य गुफा की दूसरी मंजिल की तरफ बढ़े.

 

 

 

थोड़ी चढ़ाई चढ़ने के बाद टीम दूसरी मंजिल पर पहुंची. दूसरी मंजिल पर देवी की एक मूर्ति थी. जिसे बाहर से लाकर रखा गया था. लेकिन यहां दीवारों पर बहुत ही अजीब बनावट थी. गांववाले इसे सांप से जोड़कर देखते हैं. अब टीम के सदस्यों ने तीसरी मंजिल की तरफ का रूख किया. यहां रास्ता बेहद तंग और अंधेरे से भरा था. रास्ते में हर तरफ चमगादड़ों को झुंड दिखाई दे रहा था.

 

 

 

 

 

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